गनर के मनमानी से कॉलोनी वासी त्रस्त जांच की मांग

गनर के मनमानी से कॉलोनी वासी त्रस्त जांच की मांग

‌ उच्च न्यायालय के न्याय मूर्ती के गनर की मनमानी से कॉलोनी के लोग त्रस्त। 

‌पुलिस लाइन में नियम को ताक पर रखकर कराएं मकान आवंटन।

‌मकान खाली कराने को लेकर गुंडागर्दी।


‌स्वतंत्र प्रभात
‌प्रयागराज


‌हे0का0 रमेश पुलिस लाइन प्रयागराज के टाइप द्वितीय श्रेणी के कमरा नं0 9 में सपरिवार रह रहे है। मा0 न्यायालय के निर्देश है कि आवास खाली होने पर ही दूसरे कर्मचारियों को आवास आवंटित किए जाए।

परंतु हे0का0 रमेश मा0 न्यायमूर्ति की गनर ड्यूटी के कारण आवास संख्या-8 खाली न होने के बावजूद अपने नाम आवंटित करा लिया और स्वयं जाकर उक्त आदेश को मकान नं0-8 में चस्पा किया और कहा कि यदि मकान खाली नहीं किया गया तो मैं जबरदस्ती सामान निकालकर मकान में घुस जाऊंगा, क्योंकि मैं न्याय मूर्ती का गनर हूं। 

 उन्हीं ने मुझे आवास आवंटित कराया है। पुलिस लाइन कॉलोनी के लोगों का कहना है किहे0का0 रमेश बड़े ही झगडालू किस्म के व्यक्ति है और ये बालको को पार्क में जाने से मना करते है और गेट बंद कर देते है।

अवैधानिक तौर से पानी की मोटर लगा रखी है और पानी की मोटर चलाकर पानी की बर्बादी करते रहते है, जिससे मोटर चलाने से दूसरों के नल में पानी आना बंद हो जाता है।


‌रमेश पहले पुलिस लाइन में बिगुलर के पद पर नियुक्त था तथा बाद में हे0का0 बनकर स्टोर में रहे और वहां से हटने पर मा0 उच्च न्यायालय में गनर की ड्यूटी कर रहे है। यह हे0का0 जनपद चंदौली का रहने वाला है। जनपद इलाहाबाद में लगभग 15-20 वर्षों से नियुक्त है।

जब उक्त हे0का0 को कमरा नं0-9 आवंटित है और उसमें सपरिवार रह रहे है कमरा नं0-8 अभी खाली भी नहीं है तो किस प्रकार अपने नाम आवंटित करा लिया गया है। यह बिन्दु जांच का है। कॉलोनी के लोगों  की मांग है कि रमेश हे0का0 को मा0 उच्च न्यायालय की ड्यूटी से  हटाकर निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई की जाय।

प्रयागराज से दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट।

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