सरकार सबका साथ सबका विकास का ढिंढोरा पीट रही भाजपा सरकार 

सरकार सबका साथ सबका विकास का ढिंढोरा पीट रही भाजपा सरकार 
  • परिषदीय विद्यालयों में 9 माह से रसोइयों को मानदेय नहीं उपलब्ध करा पायी

सुरेन्द्र कुमार गौसगंज

गौसगंज कछौना (हरदोई)

सरकारी मशीनरी की उदासीनता के चलते कई विभागों में तैनात संविद कर्मियों का मानदेय अधार में लटका हैं। जिसके चलते  विद्युत कर्मी, रसोइयों, पशु मित्रों, रोजगार सेवकों, कंप्यूटर ऑपरेटरों, स्वेच्छा ग्राहियों की दिवाली फीकी रहेगी। सरकार सबका साथ सबका विकास का ढिंढोरा पीट रही है। परिषदीय विद्यालयों में 9 माह से रसोइयों को मानदेय नहीं उपलब्ध करा पायी। जबकि यह महिलाएं काफी गरीब परिवार से होती हैं।

जिनमें अधिकांश महिलाएं विधवा हैं। इनके घरों में जीविकोपार्जन के लिए कोई मुखिया नहीं होता है। इनके विद्यालयों में उत्तरदायित्वों को नकारा नहीं जा सकता है। खंड शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार बोस ने सभी इंचार्ज अध्यापकों से अपील व मानवता को ध्यान में रखते हुए कहा व्यक्तिगत स्तर से इन रसोइयों को आर्थिक सहायता करने में सहयोग करें। यह आपके परिवार की सदस्य हैं। विद्युत विभाग में आउट सोर्सिंग कंपनी द्वारा विद्युत विभाग में सब स्टेशन ऑपरेटर पद पर भूतपूर्व सैनिकों, कल्याण विभाग से विद्युत उपकेंद्र पर सेवा दे रहे हैं।

जिन्हें 6 माह से मानदेय न मिलने के कारण सरकारी सिस्टम को कोस रहे हैं। जब हमारे देश के सेवानिवृत्त सेना के जवानों को समय अवधि में मानदेय नहीं उपलब्ध कराना बड़ी शर्मनाक बात है। पशुपालन विभाग में तैनात पशु मित्रों को वर्ष 2013 से कोई मानदेय नहीं मिल रहा है। वह ऐन केन प्रकारेण व्यवस्था कर जीवन यापन करने को मजबूर हैं व बेरोजगारी का दंश झेलने को मजबूर हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से लगे स्वेच्छा ग्राहियों को कई वर्षों से प्रोत्साहन राशि नहीं मिली है।

सामाजिक कार्यकर्ता व क्षेत्रीय विकास जन आंदोलन के संयोजक रामखेलावन कनौजिया ने बताया हमारे देश में कोई जवाबदेही नहीं है। ठेकेदारी प्रथा मानवता का शोषण है। मानदेय की भी कटौती की जाती हैं। त्यौहार में भी मानदेय सरकार द्वारा उपलब्ध न कराया जाना निंदनीय है। सरकार पदयात्रा के माध्यम से अपनी उपलब्धियों का फर्जी ढ़िढोरा पीट रही है।

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