संक्रामक ग्रसित गांवों के तालाबो में छोड़ी गई गम्बूजिया मछली ।।

संक्रामक ग्रसित गांवों के तालाबो में छोड़ी गई गम्बूजिया मछली ।।

नरेश गुप्ता/ रवि मिश्रा की रिपोर्ट

संक्रामक ग्रसित गांवों के तालाबो में छोड़ी गई गम्बूजिया मछली ।।


मलेरिया को रोक थाम के लिए संकमण ग्रसित गांवों के तालाबो में छोड़ी गई मछली 

संदना सीतापुर प्राप्त जानकारी के अनुसार  उत्तर प्रदेश  के जनपद  सीतापुर के  संदना क्षेत्र  के गोंदलामऊ ब्लाक क्षेत्र में संक्रमण के बीते महीने में तीन दर्जन से अधिक मौते हो गयी थी।संक्रमण व मलेरिया से बचाव के लिए मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोंदलामऊ के अधीक्षक डॉक्टर धीरज मिश्रा,ज़िला मलेरिया अधिकारी अनिल कुमार मिश्रा ,मलेरिया इन्स्पेक्टर दावा लामा ,व ज़िला संक्रमण टीम सीतापुर की उपस्थिति में,ज्वर से प्रभावित गांव  पैरूवा,सैदापुर,कुनेरा,बबुरीखेड़ा,कोरौना,नगवां पेंडी , सुर्ज़पुरआदि गावो 
के तालाबों में गम्बूजिया मछली को छोड़ा गया..यह मछली मच्छर के लारवा को खाती है..।

जब इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक गोंदलामऊ धीरज मिश्रा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जल्द ही संक्रामक पर रोक लगाई जा रही है ताकि और कोई संक्रामक के चपेट में न आये ।। एक तरफ जहां संक्रमित रोग से मौतों की संख्या बढ़ती जा रही है वहीं दूसरी तरफ गोंदलामऊ स्वास्थ्य टीम अपने प्रयासों द्वारा रोगों की रोकथाम के लिए प्रयास पर प्रयास किए जा रही है संबंधित स्वास्थ्य केंद्र द्वारा इस कदम के बाद क्या संक्रमित रोगों से गोंदलामऊ क्षेत्र के संक्रमित  रोगों पर कोई असर होता है या नहीं या तो आने वाला समय ही बताएगा

जागरूकता की कमी

स्वास्थ्य जानकारों का मानना है कि इनमें से अधिकतर बच्चों की जान बचायी जा सकती थी, वह भी केवल जागरूकता और साफ सफाई रखकर ही. ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य जागरूकता का आभाव है, जिसके चलते बीमारी गंभीर रूप ले लेती है. स्वास्थ्य सेवाएं गांवों तक  पहुंचती हैं और जानकारी के आभाव में ग्रामीण स्वास्थ केन्द्रों तक नहीं पहुंच पाते उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग आला अधिकारियों की माने तो ‘ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य तंत्र का ढांचा मजबूत करके मौतों की संख्या में काफी कमी लाई जा सकती है.'

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