गुरू जी लगा रहे विद्यालय में झाडू़, सफाईकर्मी कर रहे साहब की सेवा

गुरू जी लगा रहे विद्यालय में झाडू़, सफाईकर्मी कर रहे साहब की सेवा


अध्यापक ने लगाया आरोप कभी नही दिखे सफाईकर्मी


ब्लाक हैदरगढ़ के पूरे कुबेर में खुले प्राथमिक विद्यालय का हाल


हैदरगढ़ बाराबंकी ।

ब्लाक हैदरगढ़ अन्तर्गत एक विद्यालय में सफाई कर्मी न आने से विद्यालय जंगल का रूप लेता जा रहा है परिसर में बने कुछ कमरो व मैदान छोड़कर हर तरफ बड़ी बड़ी घास व जंगली पेड़ पौधे उग आये है स्कूल में पढ़ने आये मासूम बच्चे भी झाड़ियों में जाने से कतराते है क्योंकि वहां जहरीले जीव जंतुओ का खतरा हमेशा बना रहता है।

विद्यालय में झाडू लगा रहे एक व्यक्ति से जब जानकारी लिया गया तो उन्होंने अपने आपको शिक्षक बताया और आगे बताया कि ढाई वर्षो से शिक्षा के साथ साथ झाडू लगा रहा हूं शिक्षक से जब सफाईकर्मी के बारे में पूछा गया तो गुरू जी सफाई कर्मी का नाम तक नही बता पाये।

जानकारी के मुताविक प्राथमिक विद्यालय पूरे कुबेर मजरे किरसिया में गुरू जी ढाई वर्षो से विद्यालय परिसर की साफ सफाई करने की जिम्मेदारी निभा रहे है और साथ साथ बच्चों को शिक्षित करने का कार्य बाखूबी निभा रहे है गुरूजी के कार्य से गांव की जनता सराहना कर रही है।

लेकिन सरकारी भवन व गांव की सफाई करने की जिम्मेदारी निभाने के लिए नियुक्त सफाईकर्मी साहब पर अधिकारियों की कृपा बरस रही है और ढाई वर्ष बीत जाने के बाद भी गांव नही पहुंचे। प्राथमिक विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक नित्यानन्द ने बताया कि लगभग ढाई साल हो चुके है लेकिन सफाई कर्मचारी अभी तक नही आया और न ही मै पहचानता हूं विद्यालय परिसर की साफ सफाई मेरे द्वारा ही होती है अभी कुछ झाड़िया उग आयी है उसे मजदूर लगाकर जल्द ही साफ कराया जायेगा।

यही नही जब ग्रामीणों से पूछा गया की आपके यहा सफाईकर्मी कौन है तो ग्रामीणों ने बताया की हम मोदी के स्वच्छ भारत मिशन अन्तर्गत अपना सफाई का कार्य खुद निपटाते है और रही बात सफाई कर्मी की तो मै उन्हे पहचानता तक नही। इस सम्बन्ध में जब खण्ड विकास अधिकारी से बात किया गया तो उनका फोन नही उठा।  


साहब की डियूटी निभा रहे सफाईकर्मी


हैदरगढ़ बाराबंकी।

ब्लाक हैदरगढ़ अन्तर्गत 72 ग्राम पंचायतों में वर्तमान में 90 सफाईकर्मियों को गांव की साफ सफाई करने के लिए तैनात किया गया है फिर भी गांव की सफाई व्यावस्था बदहाल नजर आती है अधिकांश सफाई कर्मी गांव न जाकर साहब की आवाभगत में लगे हुये है और उन्ही के आर्शिवाद से साहब ने कुछ कर्मचारियों को आफिस में बैठकर बाबिगरी के काम में लगा दिया तो कुछ साहब के घर की जिम्मेंदारी सम्भाल लिया और मोटी तनख्वाह लेकर मौज काट रहे है यदि यही हाल रहा इन सफाई कर्मियों का तो कैसे सुधरेगी गांव की साफ सफाई व्यवस्था। 
 

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