गौशाला में हो रही गायों की मौत जिम्मेदार अधिकारी मौन

गौशाला में हो रही गायों की मौत जिम्मेदार अधिकारी मौन
  • गायों को है हरे चारे की जरूरत लेकिन मिल रहा है सूखा भूसा

सुबोध कुमार
पुवायां। एक तरफ जहां प्रदेश की सरकार गौवंशी पशुओं के लिए स्थाई एवं अस्थाई गौशालाओं का निर्माण करा रही है। और गायों को चारे की उपलब्धता कराने के लिए करोड़ों रुपया पानी की तरह बहा रही है। वही गौवंशी पशुओं की हालत बद से बदतर होती जा रही है। तहसील क्षेत्र पुवायां के रोजाना किसी न किसी गौशाला से गाय की मरने की खबर मिल रही है। और गाये गौशाला में सूखा भूसा खाने को मजबूर है। आखिरकार गौशालाओं का गायों के रख-रखाव और चारे की व्यवस्था के लिए लाखों रुपए दिए जा रहे हैं। आखिरकार उन रुपयों का इस्तेमाल जिम्मेदार अधिकारी कहां पर कर रहे हैं। अभी हाल में सिमरा वीरान गौशाला व अन्य दो गौशाला में गायों की मरने की खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। 

आज बण्डा के अख्तियारपुर धौकल स्थित गौशाला में एक गाय हरे चारे की कमी के चलते भूख से मरने की कगार पर है। और एक गाय भूख से दम तोड़ चुकी है। जबकि ग्राम प्रधान से बात करने पर ग्राम प्रधान राजेश ने बताया कि इस गौशाला में गाय के लिए हरे चारे की व्यवस्था के लिए 2 एकड़ जमीन पर हरा चारा बोया गया है। जबकि गौशाला कि चारे की व्यवस्था के लिए 7 एकड़ खाली भूमि पड़ी है। लेकिन उसमें किसी तरह का कोई चारा नहीं बोया गया है।

गोपालक के अनुसार गौशाला में गायों की जांच के लिए नियमित रूप से डॉक्टर साहब भी आते हैं। और गायों को समुचित इलाज भी मिलता है

तथा हरे चारे की व्यवस्था भी है।लेकिन गौशाला की जमीनी हकीकत बिल्कुल इसके विपरीत है गायें सूखा भूसा खाने पर मजबूर है। रोजाना गाय भूख और बीमारी के चलते मर रही हैं और जिम्मेदार अधिकारी इस पर चुप्पी साधे बैठे हैं।

 

 

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