जिला अस्पताल में डेंगू ने दी दस्तक, प्रशासन नही दे रहा ध्यान

जिला अस्पताल में डेंगू ने दी दस्तक, प्रशासन नही दे रहा ध्यान

हमीरपुर-

जिले में डेंगू ने दस्तक दे दी है, हालांकि विभाग अभी तक सतर्क नहीं हुआ है। जुलाई से लेकर अब तक तीन मरीजों में डेंगू की पुष्टि होने के बाद भी जिले में अब तक जांच के इंतजाम नहीं किए गए हैं। इससे बुखार के सैकड़ों मरीजों को जांच के लिए कानपुर दौड़ लगानी पड़ रही है।

जुलाई से लेकर अब तक जनपद में डेंगू से ग्रसित तीन मरीज मिले है। तीन में दो मरीजों में एक मुंबई और दूसरा सूरत में काम करते हुए डेंगू की चपेट में आया। वहीं पड़ोसी जनपद कानपुर में बड़ी संख्या में डेंगू मरीज मिलने के बाद भी जिले में अब तक अधिकारियों की खुमारी नहीं उतरी है। अब तक जांच के इंतजाम नहीं हुए हैं। खानापूर्ति के लिए आइसोलेशन वार्ड बना भी है लेकिन उसमें महज तीन बेड रखे गए हैं। एक मुंबई में तो दूसरा सूरत में हुआ ।

कुरारा ब्लाक के झलोखर गांव निवासी नीरज पुत्र हनुमान प्रजापति मुंबई में रहता है। 16 सितंबर को नीरज को मुंबई में बुखार आया। वहां आराम नहीं मिलने पर घर लौट आया। 22 सितंबर को जिला अस्पताल में डॉ. आरएस प्रजापति को दिखाया। कानपुर रेफर करने पर उसे डेंगू की पुष्टि हुई।

मौदहा ब्लाक के छोटा लेवा गांव निवासी छात्र जयप्रकाश को भी कानपुर में ही 15 सितंबर को डेंगू की पुष्टि हुई। जयप्रकाश मौदहा में रहकर पढ़ाई करता है। सरीला ब्लाक के खंडौत गांव निवासी धीरज कुमार पुत्र चंद्रभूषण को सूरत (गुजरात) में रहते हुए बुखार आया। वह 11 जुलाई को घर लौट आया। कानपुर में 16 जुलाई को धीरज के भी डेंगू की पुष्टि हुई। गांवों में दवा छिड़काव, जलभराव हटवाया

जिला मलेरिया अधिकारी आरके यादव ने बताया कि तीन मरीजों में डेंगू की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग ने उन गांवों में दवा का छिड़काव फागिंग कराई। खंडौत गांव में 7 स्लाइड बनाई गई। जलभराव वाले 12 स्थानों को साफ कराया गया। छोटा लेवा गांव में 23 स्लाइडें बनाई गई और 10 जलभराव वाले स्थानों की सफाई करवाई गई। 18 घरों में भी दवा का छिड़काव कराया गया। झलोखर गांव में 20 स्लाइड बनाई गई। 10 जलभराव वाले पात्रों को नष्ट कराया गया। 15 घरों में पायरेथ्रम कीटनाशक दवा एवं लार्वा निरोधक दवा का छिड़काव कराया गया है।

रोकथाम को लेकर सितंबर माह में मुख्यालय में 14 गृहस्वामियों को नोटिस दिया गया। इन घरों में लार्वा मिला था। गृहस्वामियों को निर्देशित किया गया कि पानी का जमाव न होने दें, जमा हो वहां केरोसिन का तेल डालें।

डेंगू के लक्षण

सिरदर्द, आंख के पीछे दर्द, तेज बुखार, चकत्ते या रैशेस, बदन टूटना, भूख में कमी। गंभीर मामलों में रक्तस्त्राव और सदमे की स्थिति हो सकती है, जो जानलेवा भी साबित होती है।

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