किसानों को खाद न मिलने से मारामारी की स्थिति।

किसानों को खाद न मिलने से मारामारी की स्थिति।

मौदहा(हमीरपुर)-

लाही की फसल बुआई के लिए किसानों को खाद न मिलने से मारामारी की स्थिति है। आज स्थानीय क्रय विक्रय में आई 1200 बोरी ड़ीएपी खाद पाने के लिए सुबह 08 बजे से ही किसानों की लम्बी लाइन लग गयी।

खाद के लिए पर्ची मिलने की खिड़की में जबरजस्त धक्का मुक्की के बाद लोग पर्ची पा सके। वहीं किसान सेवा समिति सहित पीसीएफ केंद्र में भी खाद का टोटा होने पर किसान निजी खाद विक्रेताओं के यहां मजबूरी में पहुंचे।

लेकिन यहां भी मंहगी खाद होने से ज्यादातर किसान लौट गये।स्थानीय कृषक धन अभाव के चलते अधिकांश क्षेत्रीय किसान सेवा समिति से उधार खाद पाते हैं लेकिन इस समिति में दो दिन से खाद न होने से कर्ज लेकर भी किसान को पीसीएफ व क्रय विक्रय से खाद नहीं मिल पा रही है।

हालाकि खुले बाजार में मिलने वाली खाद पर किसान विश्वास नहीं कर पा रहा है। क्योंकि बिना लाइसेंस के भी कई स्थानों पर खाद की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है।

इस खाद के खरीद दारों ने बताया कि यह मिलावटी है और इसके इस्तेमाल से उन्हे बीते वर्ष खासी चपत लग चुकी है। सहकारी समितियों से मिलने वाली खाद अधिक विश्वसनीय होती है।

जिसकी खरीदारी के लिए किसान मारामारी करता है। पीसीएफ व क्षेत्रीय किसान सेवा समिति में दो दिन से खाद न होने से यहां खाद लेने वाले किसान बैरंग लौट रहे हैं वहीं आज नगर स्थित क्रय विक्रय में 1200 बोरी ड़ीएपी खाद आने की सूचना मिलते ही समिति के खाद वितरण काउण्टर में 08 बजे से पुरूष व महिलाओं की लाइन लग गयी।

दिन के 12 बजे तक यहां लम्बी लाइनें लगी रही और देखते ही देखते 06 घण्टे में पूरी 1200 बोरी खाद समाप्त हो गयी। कृषक रामकिशन ने बताया कि लोग पैसा लिये तीन दिन से अच्छी खाद के लिए भटक रहा है और आज यह जानकारी मिली थी कि क्रय विक्रय में खाद मिल रही है तभी वह यहां लाइन में खड़ा हो गया। लेकिन खाद वितरण खिड़की में इतनी मारामारी थी कि वह वहां तक पहुंच ही नहीं पाया और खाद समाप्त हो गयी।

इस सम्बंध में पीसीएफ प्रभारी सुरेंद्र कुशवाहा ने बताया कि कल यहां खाद उपलब्ध हो सकेगी। उनके खाद के ट्रक आज देरी से आये हैं। वहीं क्षेत्रीय किसान सेवा समिति के सचिव अवनीष त्रिपाठी ने बताया कि उन्होने खाद के लिए चेक लगा दी है। उम्मीद जताई है कि सोमवार तक यहां खाद उपलब्ध हो सकेगी।

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