सुमेरपुर में भागवत महापुराण की निकली गई भब्य शोभा यात्रा

 सुमेरपुर में भागवत महापुराण की निकली गई भब्य शोभा यात्रा

हमीरपुर

भरुआ सुमेरपुर में श्रीमद भागवत आलौकिक ग्रन्थ जिसमे वर्णाश्रम ,धर्म,मानव धर्म,कर्मयोग, ज्ञानयोग,भक्ति योग आदि भागवत प्राप्ति की सभी साधनों का विषद वर्णन है लेकिन इसमें भगवान की भक्ति का ही विशेष  निरूपण किया गया है।

उक्त विचार डंडी स्वामी व कथा व्यास महेश्वरा नंद ने भागवत कथा के शुभारंभ पर व्यक्त किए कस्बा सुमेरपुर के चाँद थोक मुहाल में सिंगल दुवे के हाता में भागवत पुराण की शोभा यात्रा के साथ भागवत कथा का शुभारम्भ हो गया।

भागवत कथा के पूर्व बोड़ा धर्मशाला के पास से तपोभूमि आश्रम तक भागवत पुराण की भब्य कलश यात्रा निकाली गयी ¦ महिलाएं कलश लिए मंगलगान करती हुई शोभा यात्रा में चार चाँद लगा रहीं थीं।शोभा यात्रा समापन के बाद भागवत पुराण का विधि विधान पूर्वक पूजा अर्चना करने के बाद कथा का श्री गणेश हुआ।

कथा व्यास दण्डी स्वामी महेश्वरानन्द सरस्वती ने पहले दिन भागवत की महत्ता पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भागवत कि भागवत पुराण एक आलौकिक ग्रन्थ है। जिसमे भगवान की भक्ति का विशेष निरूपण किया गया है। यह एक ऐसा पावन   शास्त्र है जिसमे विशेषता ही विशेषता भरी है।

भागवत कथा की परीक्षित श्रीमती ललिता  द्विवेदी रही।भागवत कथा का समापन 19 नवम्बर को होगा। विनीत द्विवेदी उर्फ बलदाऊ,रामभजन,जितेंद्र,शुशील,आशुतोष सहित काफी संख्या में भक्त प्रेमी मौजूद रहे।

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