सण्डीला इलाके में अवैध क्लीनिक, झोलाछाप डाक्टरों का पूरे इलाके मे फैला मकड़जाल

सण्डीला इलाके में अवैध क्लीनिक, झोलाछाप डाक्टरों का पूरे इलाके मे फैला मकड़जाल

सण्डीला इलाके में अवैध क्लीनिक, झोलाछाप डाक्टरों का पूरे इलाके मे फैला मकड़जाल

 

सण्डीला/हरदोई 

रोहित वर्मा नीरज 

अवैध क्लीनिक ,झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा पूरे सण्डीला तहसील क्षेत्र  में पूरी तरह से सक्रिय होते जा रहे हैं । इलाके की भोली-भाली जनता को इलाज के नाम पर मनमाने तरीके से पैसा वसूलते हैं जबकि ग्रामीण इलाकों में नौजवानों, बच्चे, बूढ़े के स्वास्थ्य के साथ खुलेआम खिलवाड़ किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इन क्लीनिक, झोलाछाप डॉक्टरों को बचाने में लगे रहते हैं।

हम बात कर रहे :- सण्डीला तहसील क्षेत्र कोथावाँ  विकास के हत्यारणतीर्थ,कल्यानमल,मीनाबाजार पिरकापुर,बरगद तिराहा,अहिराँव,  हुलासपुर पुलिया,बिरूआ,कोथावाँ,बेनीगंज,कोरोकला, ऊगपुर,अटवा मुठिया ,प्रतापनगर ,हर्रैया ,भैनगाँव,रावतपुर ,जनिगावँ, ।ब्लाक  भरावन के अन्तर्गत गोड़वा,गोनी ,बहेरिया,अतरौली, भरावन,मिश्राखेडा,नेवादा, हयातगंज,भटपुर,छावन,ढिकुन्नी,बहुती,।:- सण्डीला क्षेत्र के अंतर्गत महिगवाँ,लुमामऊ, बढाईन खेड़ा,मल्हेरा,बेगमगजं साँख तिलोइयाँ,हरदलमऊ,आसू सरायँ ,जैतनगर खजोहना,सण्डीला इंडस्ट्रियल एरिया,।:- कछौना के अन्तर्गत हथौड़ा, दीननगर,गाजू,कलौली, सहित लगभग 4 दर्जन से अधिक गाँव,कस्बा के डाक्टरों पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नही की जा रही है । जिसमें इन क्लीनिक ,झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा मरीजों को स्वयं की दवाइयां महंगे दामों पर दी जाती हैं ।जिसका मरीजों को कोई लाभ नहीं मिल पाता है। इन झोलाछाप डॉक्टरों क्लीनिक के चुंगल में फंस कर कई लोग तो काल के मुंह में समा चुके हैं ।जबकि झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा गर्भवती महिलाओं को मुख्य निराशा  बनाते हैं। जिनसे डिलीवरी व गर्भपात के नाम पर अपनी मनमानी तरीके से महिलाओं से पैसा वसूला जाता है।

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि डॉक्टरों के पास ना कोई डिग्री और ना कोई स्वास्थ्य संबंधी सूचना उपलब्ध हैं। छोटे -छोटे क्लीनिक, झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा ग्रामीण इलाकों की जनता को बड़ी बीमारी बता कर जनता से मनचाहे तरीके से हजारों रुपए वसूले जाते हैं।

इन डाक्टरों के यहाँ नकली कम्पनियों की दवाईयां एंटीबायोटिक दवाइयां मोटी रकम लेकर मरीजों को दी जाती है।कई पत्रकारों ने खबर को प्रमुखता दिया ।व ग्रामीणों द्वारा  क्लीनिक, झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ  लिखित शिकायत की गई।लेकिन कोई कार्यवाही नही की गयी ।

अगर स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी समय रहते इन क्लीनिक, झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की तो किसी समय मरीजों को बड़ी मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है। जबकि लगभग 2 माह पूर्व हरदोई रोड़ पर फर्जी अस्पताल चला रहे डाक्टर ने एक महिला को डिलीवरी के दौरान मौत के घाट उतार दिया गया था।जिलाधिकारी द्वारा छापेमारी की गई थी ।लेकिन डॉक्टर के पास कोई अस्पताल का रजिस्ट्रेशन नहीं मिला था ।

इसके बाद भी उनके खिलाफ कार्रवाई करना उचित नहीं समझा गया ।ऐसा लगता है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन झोलाछाप डॉक्टरों को संरक्षण प्रदान कर रही है दर्जनों मरीजों की भीड़ लगी रहती है ।इनको सिर्फ पैसे देना- लेना रहता है ।ना कि मरीज के लाभ होता हैं। आखिर क्या वजह है कि स्वास्थ विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने से क्यों  कतराते हुए नजर आ रहे हैं।

 सूत्रों की मानें तो :-

इन क्लीनिक, झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा महीनों में स्वास्थय विभाग के अधिकारी मोटी रकम ली जाती है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कार्यवाही करने से पीछे हटते नजर आते हैं ।

जिलाधिकारी आदेश  के बाद भी  सण्डीला तहसील क्षेत्र में एक भी झोलाछाप का क्लीनिक बंद नहीं कराया गया। जिसके चलते झोलाछाप डॉक्टरों के हौसले बुलंद होते नजर जा रहे हैं।

 

रिपोर्ट रोहित वर्मा नीरज

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