खण्डर में तब्दील स्वाथ्य उपकेन्द्र लखनौर

खण्डर में तब्दील स्वाथ्य उपकेन्द्र लखनौर

खण्डर में तब्दील स्वाथ्य उपकेन्द्र लखनौर

भरखनी/हरदोई - ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें इसके लिए सरकार ने भले ही लाखों करोड़ों का बजट खर्च दिया हो लेकिन लापरवाही के चलते स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल हो रहा है। भरखनी ब्लाक के लखनौर गांव में 6 वर्ष पहले बना स्वास्थ्य उपकेंद्र खंडहर में तब्दील हो चुका है। बनने के बाद यह केंद्र एक दो ही बार खोला गया। एक दो बार ही स्वास्थ्य कर्मचारी यहाँ पहुंचा। ग्रामीणों को इलाज कराने के लिए कई किलोमीटर दूर तक जाना पड़ता है। वर्तमान में स्वास्थ्य उपकेंद्र का अस्तित्व ही समाप्त होता दिख रहा है तथा भरखनी ब्लाक का यह गांव हरदोई शाहजहाँपुर के बार्डर पे बसा हुआ है। इस गांव की आबादी लगभग साढ़े तीन हजार है। गांव के लोगों को छोटे मोटे इलाज के लिए कई किलोमीटर का सफर तय करके जाना पड़ता था या फिर झोला छाप डाक्टर के सहारे ही लोग अपना इलाज कराते थे। इस समस्या को देखते हुए वर्ष 2012 में गांव में स्वास्थ्य उपकेंद्र का निर्माण साढ़े सात लाख रुपये की लागत से कराया गया था। स्वास्थ्य उपकेंद्र बनकर तैयार भी हो गया पर खुला एक दो बार ही  । जिस स्वास्थ्य कर्मचारी की तैनाती यहां की जाती रही वह कभी गया ही नहीं। जिसके चलते धीरे धीरे यह स्वास्थ्य उपकेंद्र खंडहर में तब्दील होने लगा। लोग खिड़की दरवाजे उखाड़ ले गये। वर्तमान में इस उपकेंद्र में गंदगी और झाड़ झंखाड़ का साम्राज्य फैला हुआ है। गांव के लोग अभी भी लंबी दूरी तय करके इलाज कराने जाते हैं। ग्रामीण ज्ञानेन्द्र मिश्र, उमाशंकर मिश्र,सत्यनारायण अग्निहोत्री, चंद्रशेखर, श्रीमती रामकान्ति,बाजपेयी ने बताया कि एक दो बार ही स्वास्थ्य कर्मचारी गांव में  आया है। महिलाओं का प्रसव होना हो तो उसको अनंगपुर या फिर शहर लेकर जाना पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण गांव के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। इस स्वास्थ्य उपकेंद्र की मरम्मत कराकर इसे चालू कराया जाना चाहिए।

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