विद्यालय में जांच के दौरान मिली अनियमितताएं

विद्यालय में जांच के दौरान मिली अनियमितताएं

अभिलेखों में शिक्षक अभिभावक संघ का गठन नदारद

कछौना (हरदोई) -

विद्यालय को शिक्षा का मंदिर कहा जाता है, जहाँ बच्चों को शिष्टाचार व ईमानदारी का पाठ पढ़ाया जाता है । मगर जब शिक्षा के मंदिर में ही भ्रष्टाचार का खेल खेला जाने लगे तो समाज में इसका बुरा संदेश जाना लाजमी बात है ।

जनपद हरदोई के कस्बा कछौना स्थित जनता इंटर कॉलेज भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़ा के आरोपों के चलते लगातार विवादों से घिरा हुआ है । विद्यालय प्रबंधन पर शिक्षक अभिभावक संघ खाते में फर्जीवाड़ा व भ्रष्टाचार के आरोप की शिकायत पर मंगलवार को जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा गठित जांच समिति ने विद्यालय पहुंचकर शिकायतकर्ता व संबंधित पक्षों की मौजूदगी में जांच की ।

जांच के दौरान जांच समिति ने शिकायत से संबंधित अभिलेखों की भी जांच पड़ताल में काफी अनियमितताएं पाई ।

बताते चलें कि कस्बा कछौना निवासी बालकृष्ण शुक्ला द्वारा जनता इंटर कॉलेज के विद्यालय प्रबंधन पर शिक्षक अभिभावक संघ शुल्क में भ्रष्टाचार व फर्जीवाड़ा करने के आरोप लगाते हुए जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत की गई थी ।

जिस पर गलत जांच आख्या लगाकर निस्तारण कर दिया गया । शिकायतकर्ता ने निस्तारण पर असंतुष्टि जताते हुए फीडबैक के माध्यम से शिकायत को पुनर्जीवित कर दिया । जिलाधिकारी पुलकित खरे के 15 कार्य दिवसों में जांच आख्या उपलब्ध कराने कें निर्देश पर जिला विद्यालय निरीक्षक वी के दुबे द्वारा मामले की जांच के लिए जांच समिति का गठन किया गया ।

जांच समिति के नामित सदस्यों कौशल किशोर ( प्राचार्य राजकीय इंटर कॉलेज टडियावां ) और सुधाकर बाजपेई ( प्राचार्य राजकीय इंटर कॉलेज हरदोई ) ने मंगलवार को जनता इंटर कॉलेज पहुंचकर शिकायतकर्ता व संबंधित पक्षों की मौजूदगी में विद्यालय प्रबंधन से पूछताछ करते हुए संबंधित अभिलेखों की जांच पड़ताल की ।

जांच के दौरान शिक्षक अभिभावक संघ के गठन पंजीयन रजिस्टर पर शैक्षिक सत्र 2015-16 के बाद सीधे 2019-20 का गठन दर्ज था और बीच की समयावधि के तीन शैक्षिक सत्रों में शिक्षक अभिभावक संघ का पुनर्गठन नदारद मिला । जांच समिति के पूर्व में हुई जांचों में पीटीए गठन दर्शाने और विद्यालय प्रबंधन द्वारा प्रस्तुत अलग-अलग आय-व्यय विवरण में भिन्नता के सवालों पर प्रधानाचार्य नरेंद्र बहादुर यादव कतराते नजर आए।

वहीं जांच के दौरान मौजूद पूर्व शिक्षक अभिभावक संघ (पीटीए) अध्यक्ष अजयकांत श्रीवास्तव ने आय-व्यय विवरण पंजीयन रजिस्टर पर उनके फर्जी हस्ताक्षर मौजूद होने की पुष्टि जांच समिति के सामने की । जांच समिति द्वारा विद्यालय के प्रबंधक मीनू अग्रवाल से पूछताछ करने पर बताया कि शिक्षक अभिभावक संघ और उससे संबंधित आय-व्यय से उनका किसी प्रकार का कोई लेना देना नहीं है । इस संबंध में प्रधानाचार्य व पीटीए अध्यक्ष की जवाबदेही बनती है ।

जिसके बाद जांच समिति के सदस्य विद्यालय के प्रधानाचार्य नरेंद्र बहादुर यादव को शिकायतकर्ता के तीन बिंदुओं की शिकायत से संबंधित अभिलेख जल्द से जल्द प्रस्तुत करने के निर्देश देकर रवाना हुए ।

 

फिलहाल कुछ भी हो मगर जांच समिति की जांच के दौरान विद्यालय प्रबंधन की जो अनियमितताएं सामने आई हैं । उनसे विद्यालय प्रबंधन के द्वारा भ्रष्टाचार व फर्जीवाड़े की पोल खोल कर रख दी है ।

विद्यालय में इससे पहले भी लगभग चार लाख से अधिक घोटाले की पुष्टि के बाद जिम्मेदारों पर एफआईआर दर्ज होने के बाद एक बार फिर जांच में भ्रष्टाचार व फर्जीवाड़ा उजागर होने पर विद्यालय प्रबंधन की मुसीबतें बढ़ती नजर आ रही हैं । मामले की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही तस्वीर साफ होगी ।

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