सतनाली क्षेत्र में परंपरागत श्रद्धा एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया दीवाली पर्व

सतनाली क्षेत्र में परंपरागत श्रद्धा एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया दीवाली पर्व

सतनाली (साक्षी वालिया)  

दीपों का पर्व दीवाली समूचे सतनाली खंड में हर्षोल्लास व धूमधाम के साथ मनाया गया। दीपावली पर्व पर बजारों में जहां जमकर खरीददारी की गई वहीं शाम के समय लक्ष्मी पूजन के बाद लोगों ने अपने घरों में दीपक व मोमबती जलाकर खुशी का इजहार किया।

युवाओं में दीपावली पर्व पर जमकर उत्साह देखा गया। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के आतिशबाजी पर प्रतिबंध का असर दिखाई दिया लेकिन दो घंटे की छूट के दौरान युवाओं ने जमकर आतिशबाजी की। भगवान राम के वनवास से वापिस अयोध्या लौटने की खुशी में सदियों से चली आ रही परंपरा का निर्वाह करते हुए लोगों ने अपने घरों में घी व तेल के दीये जलाए। इस मौके पर मंदिरों, दुकानों व घरों को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था। इस बार भी चाइनीज लाईटों से लोगों ने परहेज करते हुए उनका बहिष्कार किया।

लोगों ने घरों में शुभ मुहूर्त के अनुसार महालक्ष्मी पूजन किया और अपने परिवार तथा राष्ट्र की समृद्धि की कामना की। घरों में देश के अमर शहीदों की याद में भी दीपक जलाए गए तथा शहीदों को नमन किया गया। वीरवार को सभी कारीगरों ने देवताओं के शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की पूजा की। इस मौके पर कारीगरों ने अपने औजारों की पूजा की, उपवास रखा और आज काम का अवकाश रखा।

सतनाली कस्बे में दीवाली के अवसर पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत 8 से 10 बजे का समय निर्धारित किया गया था परंतु इसके बावूजद भी देर रात तक खुलआम पटाखों का शोर सुनाई दिया। पुलिस प्रशासन मूक बनकर सब कुछ देखता रहा। ऐसे में प्रशासन व पुलिस की कार्रवाई महज खानापूर्ति तक सीमित रही।

Loading...
Loading...

Comments