रोड़वेज फर्जी टिकट घोटालाः सभी डिपो में जांच के आदेश, अकेले करनाल में छपे थे 94 लाख के नकली टिकट

रोड़वेज फर्जी टिकट घोटालाः सभी डिपो में जांच के आदेश, अकेले करनाल में छपे थे 94 लाख के नकली टिकट

रोड़वेज फर्जी टिकट घोटालाः सभी डिपो में जांच के आदेश, अकेले करनाल में छपे थे 94 लाख के नकली टिकट

न्यूज़ डेस्क: हरियाणा रोडवेज के 24 डिपो और 12 सब डिपो जांच की रडार पर आ गए हैं। बीते साल 16 अक्टूबर से 2 नवंबर के बीच इन डिपो और सब डिपो में फर्जी टिकट घोटाला होने की आशंका है। दरअसल करनाल डिपो में फर्जी टिकट घोटाला उजागर होने के बाद सरकार हरकत में आई है और सभी डिपो और सब डिपो की जांच कराने का निर्णय लिया है।


परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने परिवहन विभाग के एससीएस धनपत सिंह और महानिदेशक आरसी बिढान को टिकट घोटाले की प्रदेश स्तरीय जांच कराने के मौखिक और लिखित आदेश जारी कर दिए हैं।
आदेश पर हुए अमल की समीक्षा पंवार करेंगे। एसीएस व महानिदेशक से अब तक हुई प्रगति की रिपोर्ट ली जाएगी। सरकार के पास रिपोर्ट है कि 2018 में हुई 18 दिन की हड़ताल के दौरान डिपो स्तर पर बड़े पैमाने पर फर्जी टिकट छपवाए गए हैं।

*बिना नंबर की टिकटें छपवा आउटसोर्सिंग कंडक्टरों के जरिये कराया घोटाला*

करनाल डिपो के जीएम और यातायात प्रबंधक पर आरोप है कि उन्होंने 94 लाख रुपये की बगैर नंबरों की फर्जी टिकटें छपवाई, जिन्हें आउटसोर्सिंग पर भर्ती परिचालकों के जरिये 18 से 24 अक्टूबर तक विभिन्न रूट पर कटवाया। इसके बाद नंबरों वाली टिकटें भी छपवाई, जिन्हें भी सवारियों को दिया गया। बगैर नंबरों की टिकटों का कैश सरकारी खजाने में जमा ही नहीं हुआ।


घोटाले का खुलासा होने पर पहले 57 लाख रुपये का कैश सरकारी खजाने में जमा कराने की बात कही गई, फिर कहा गया कि टिकटों की एक बोरी मिल गई है और चालीस लाख रुपये बतौर राजस्व जमा कराए गए हैं।बाकी राशि किसने हड़पी, अभी तक इससे पर्दा नहीं उठा है। परिवहन मुख्यालय की सीएओ की अध्यक्षता में छह सदस्यीय टीम घोटाले की जांच में जुटी है। हड़ताल के दौरान डिपो में लगभग 50 सरकारी परिचालक भी डयूटी पर थे, घोटाले को अंजाम देने के लिए उनसे ड्यूटी ही नहीं कराई गई।

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