सावधान रहे जंक फूड जैसे पिज्जा, बर्गर आदि और बढ़ा सकते हैं आपका डिप्रेशन

सावधान रहे जंक फूड जैसे पिज्जा, बर्गर आदि और बढ़ा सकते हैं आपका डिप्रेशन

कई बार लोग अपना मूड ठीक करने के लिए अपने फेवरेट फूड की ओर भागते हैं। किसी बात से परेशान होने पर लोग अच्छा खाना खाकर अपना मूड ठीक करना चाहते हैं। आपका मूड ठीक करने वाले इस खाने में अकसर जंक फूड शामिल होता है। आपको बता दें कि जंक फूड जैसे पिज्जा, बर्गर आदि आपके डिप्रेशन को और बढ़ा सकते हैं। यह बात एक रिसर्च में सामने आई है। 

रिसर्चर्स का कहना है कि पिज्जा-बर्गर जैसी जीजें डिप्रेशन को बढ़ाने का काम कर सकती हैं। कई बार सैचुरेटेड फैट खून के जरिए दिमाग में चला जाता है। अगर यह दिमाग हाइपोथैलमस पर असर डाले तो आपमें डिप्रेशन के लक्षण आ सकते हैं। बता दें कि हाइपोथैसमस दिमाग का वह हिस्सा होता है जो भावनाओं पर नियंत्रण रखता है। 

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यह रिसर्च यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो द्वारा किया गया है। खास बात यह है कि डिप्रेशन और मोटापे में भी कनेक्शन देखा गया है। मोटापे का शिकार लोगों पर ऐंटी डिप्रेसेन्ट का असर आम लोगों की तुलना में कम होता है। ऐसे में यह साफ है कि हाई फैट डायट डिप्रेशन को बढ़ाने का काम करते हैं। इस रिसर्च के बाद अब उम्मीद है कि डिप्रेशन की दवा बनाने में कुछ नई बातों को भी ध्यान रखा जाएगा। 

  
घी और बटर में क्या है सेहत के लिए बेहतर

  • फूड एक्सपर्ट हों या घर पर खाना बनाने वाले, एक सवाल अक्सर सबके दिमाग में आता है कि कुकिंग के लिए घी बेहतर है या बटर। यह सवाल भले ही छोटा सा लगे लेकिन इससे किसी भी डिश की पूरी न्यूट्रिशनल वैल्यू बदल सकती है। तो यहां दोनों की तुलना करके जानने की कोशिश करते हैं कि दोनों में क्या बेहतर है...
  • घी एक तरह से बटर का ही परिष्कृत रूप है जो कि पुराने समय में घर पर बनाना शुरू किया गया। हिंदुओं में कोई भी पूजा घी के बिना पूरी नहीं होती। यह कुछ भारतीय कुजीन्स खासकर मुगलई और पाकिस्तानी डिशेज बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। वहीं बटर ज्यादातर डिशेज का स्वाद बढ़ाने के लिए बाद में ऊपर से डाला जाता है।
  • कई स्टडीज का दावा है कि घी स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं होता। हालांकि समय के साथ इस विचार में बदलाव आया है और अब घी को सुपरफूड भी माना जाने लगा है।
  • बटर प्रॉसेस्ड होता है जिसमें घुलनशील साल्ट की काफी मात्रा होती है। अगर इसको सीमित मात्रा में न लिया जाए तो नुकसान पहुंचा सकता है। 6 चम्मच से ज्यादा बटर सेहत के लिए अच्छा नहीं माना जाता।
  • कई लोग वाइट बटर खाते है जिसे दूध की क्रीम को फेंटकर या मथकर निकाला जाता है। इसमें साल्ट नहीं होते। इसमें फैट काफी ज्यादा होता है इसलिए इसे रोजाना 1 चम्मच खाना सेहत के लिए अच्छा माना जाता है।
  • घी में ऐंटीऑक्सिडेंट्स और ओमेगा-3 फैटी एसिड्स होते हैं जो कि हड्डियों को मजबूत बनाते और स्किन में ग्लो लाते हैं। वहीं बटर में विटमिन ए और कॉन्जुगेटेड लिनोलिइक एसिड होते हैं जो कि कई तरह के कैंसर से बचाते हैं।

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