सरकारी बिल्डिगं में हाईकोर्ट की बैंच बनाने की मांग

सरकारी बिल्डिगं में हाईकोर्ट की बैंच बनाने की मांग

अलीगढ़।

उत्तर प्रदेश सरकार की बिल्डिंग में हाई कोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश बैंच की मांग अपर आयुक्त शमीम अहमद से की गई। जिसमें वाद कारी के द्वारा इलाहाबाद उच्च न्यायालय में जाने के लिए घर से 2 दिन पूर्व निकलना पड़ता है तब जाकर कहीं अपने न्याय की प्रक्रिया  की कार्रवाई शुरू हो पाते और ट्रेनों की विलंबता से वाद कारी को अपना समुचित पक्ष रखने में काफी मशक्कत उठानी पड़ती है। जनपद मेंरेलवे स्टेशन है जहां पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता का सुचारु रुप से आवागमन हो सकता है।

साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन विभाग द्वारा  चारों तरफ समुचित रोड बनी हुई है। जिस पर बस के द्वारा भी पश्चिमी उत्तरप्रदेश के बाद कारी को सस्ता सुलभ न्याय जनपद में हाईकोर्ट बेंच बनने पर मिल सकता है। जनपद में चल रही जिला जनपद की कोर्ट जोकि हेरिटेज बिल्डिंग में चल रही है। उसमें माननीय उच्च न्यायालय की हाईकोर्ट बेंच की अलीगढ़ में 20  कोर्ट न्यायालय  आराम से सुचारू रूप से कार्य कर वाद कारी को न्याय प्रदान कर  कर सकती है, और बाद कारी को सस्ता सुलभ न्याय मिल सकेगा। 


महाराष्ट्र में डेढ़ करोड़ की आबादी से अधिक है जिसमें मुंबई नागपुर औरंगाबाद हाईकोर्ट की 3  भ्पही ब्वनतज इमदबी चल रही है साथ ही मध्य प्रदेश की आबादी 7 करोड़ से अधिक है उसमें भी ग्वालियर जबलपुर इंदौर में 3 हाई कोर्ट बेंच वादियों के लिए न्याय प्रदान कर रही है 


जबकि भारत सरकार की कुल आबादी 125 करोड़ जनसंख्या का पांचवा हिस्सा उत्तर प्रदेश में रहता है। जिसमें वर्तमान में 2 हाई कोर्ट हाईकोर्ट इलाहाबाद एवं लखनऊ हाई कोर्ट बेंच चल रही है। 
पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनसंख्या 10 करोड़ से अधिक है, लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनसंख्या के वाद कारी को न्याय के लिए आर्थिक समय और विषम परिस्थितियों से जूझना पड़ता है। अलीगढ़ जनपद में हेरिटेज बिल्डिंग में चल रही जिला न्यायालय कोर्ट में पश्चिमी हाई कोर्ट बेंच स्थापित करना अति आवश्यक है। जिससे कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता को सस्ता सुलभ समय पर न्याय मिल सके। न्यायमूर्ति जसवंत सिंह आयोग की रिपोर्ट भी देश की संसद के समक्ष प्रस्तुत हो चुकी है।

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