नालागढ़ में आशा वकर्स संघ की बैठक

  नालागढ़ में आशा वकर्स संघ की बैठक
  • - आशा कार्यकर्ताओं ने नियमितीकरण की मांग उठाई
  • - 18 हजार रुपये प्रति माह मानदेन की मांग रखी

बद्दी ( पंकज गोल्डी) !  

आशा वर्कर संघ की नालागढ़ इकाई की बैठक में 8 सूत्रीय मांगों पर चर्चा की। बैठक में प्रस्ताव पारित करके प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री को एसडीएम के माध्यम से भेजा गया। आशा वकर्स ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द ही सरकार ने गौर नहीं किया तो उन्हें मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।

जिसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी। बैठक मे भारतीय मजदूर संघ की प्रदेश कार्यकारणी सदस्य राजू भारद्वाज व जिला सचिव गोपाल चौधरी ने आशा वर्कर की मांगो का समर्थन किया और उनकी आंदोलन में सहयोग की बात कही। नालागढ़ के विश्राम गृह में आयोजित बैठक में संघ की प्रधान सुनिता देवी ने कहा कि आशा वर्कर को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत प्रदेश भर में रखा गया है। यह आशा वर्कर शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं दे रही है।

यही नहीं स्वास्थ्य विभाग के अलावा महिला एंव बाल विकास, राजस्व विभाग, सामाजिक कल्याण विभाग के कार्यों में सहयोग करते है। आशा वर्कर वह सभी कार्य करते है जो राज्य सरकार में सरकारी कर्मचारी करते है। लेकिन अभी तक आशा वर्करों को मानदेय व प्रोत्साहन रााशि दी जाती है। वह भी समय पर नहीं मिलती है। बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया जिसमें आशा वर्कर को राज्य कर्मचारी घोषित कर उनका मानदेय 18 हजार रुपये प्रति माह करने की मांग की है।

प्रोत्साहन राशि को दोगुणा करने की मांग की है। एक आंकड़ों के आधार पाया गया कि आशा वर्करों के काम संभालने के बाद जच्चा व बच्चा की मृत्यु दर में कमी आई है। आशा वर्कर की सेवा अवधि के दौरान किसी प्रकार की मृत्यु व अपाहिज होने की दशा में दुर्घटना बीमा किया जाए।

अनुभवी आशा वर्करों को प्रशिक्षण दिलाया जाए। आशा वर्कर को एएनएम पर तैनात किया जाए। वर्ष में दो बार गणवेश व वद्दी भत्ता दिया जाएगा। चिकित्सालय में विश्राम क क्ष की व्यवस्था की जाए। गंभीर बीमारी पर चिकित्सा अवकाश की सुविधा दी जाए। प्रोत्साहन राशि को दोगुणा किया जाए।

भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य राजू भारद्वाज व जिला सचिव गोपाल चौधरी ने आश्वासन दिया कि आशा वर्कर की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि उनकी मांगो को लेकर अगर आंदोलन करने की जरूरत पड़ेगी तो पीछे नहीं हटेंगे। बाद में आशा वकरो ने एसडीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री व मु यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया।

 

Comments