प्रचंड गर्मी में घोषित नही अघोषित बिजली कटौती से बेहाल ग्रामीण विधुत उपभोक्ता

प्रचंड गर्मी में घोषित नही अघोषित बिजली कटौती से बेहाल ग्रामीण विधुत उपभोक्ता

 

बच्चो व बुजुर्गों का हाल 

मोहन लाल गंज:- 

 बैसाख माह की प्रचंड गर्मी में विजली विभाग द्वारा की जा रही घोषित कटौती से नही अघोषित कटौती से ग्रामीण विधुत उपभोक्ता खासे परेशान है  सिसेंडी फीडर से जुड़े करीब  दो दर्जन गांवो के ग्रामीण विधुत उपभोक्ता इन दिनों बिजली विभाग द्वारा की जा रही अघोषित बिजली की कटौती से खासे परेशान है ।

ग्रामीणों ने बताया कि सबसे अधिक बच्चे व बुजुर्गों का हाल बेहाल है और बिजली विभाग द्वारा की जा रही कटौती का आलम ये है सुबह ग्यारह बजे गांवो की  लाइट चली जाती है  फिर वापस शाम  सात व कभी कभी तो रात आठ बजे के बाद ही विधुत आपूर्ति बहाल हो पाती है  बावजूद उसके भी रात में भी बिजली की आवाजाही का सिलसिला रुकने का नाम नही लेता  और जिम्मेदारो के फोन नही उठते , जबकि घंटी बराबर जाती है ।

वही दूसरी ओर क्षेत्रीय लाइन मैन महेश एक तो ग्रामीणों का फोन नही उठाता  और यदि उठाता भी है तो उनसे शिष्ट तरीके से बात भी नही करता  और जिम्मेदार कभी पीजीआई की लाइन में फाल्ट का हवाला दे फोन काट देते है तो कभी ग्यारह हजार लाइन का तार टूट जाने का हवाला ग्रामीणों के फोन काट देते है । इस बात का जवाब भी देना मुनासिब नही समझते कि रोस्टर क्या है  और विभाग द्वारा कटौती कितने बजे से कितने बजे तक की जा रही है । और उसके बाद भी गांवो में अंधेरा क्यो है ।

विधुत विभाग के आला अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा ग्रामीणों के छोटे छोटे बच्चों व बुजुर्गों को चुकाना पड़ रहा है । प्रचंड गर्मी में  ग्रामीणों के बच्चे व घर मे बीमार पड़े बुजुर्ग  गर्मी में बिलखने को बेबस है । और ग्रामीण विधुत विभाग के इस उदासीन रवैये से खासे परेशान है  और बिजली विभाग द्वारा की जा रही मनमानी कटौती से ग्रामीण विधुत उपभोक्ताओं में खासा रोष पनप रहा है ।  ग्रामीणों ने बताया हम ग्रामीणों से बिजली विभाग बिल तो शहरी वसूल रहा है  और बिजली मात्र दिन रात मिलाकर कुल बारह घंटे बामुश्किल मिल पा रही है । वही ग्रामीणों की शिकायत पर उच्चाधिकारी उन्हें सिर्फ कोरा आश्वासन देकर टरका देते है  और कई ग्रामीणों से तो सीधे मुह बात तक नही करते 

जबकि चुनाव का दौर चल  रहा है  और सरकार का कहना था कि चौबीस घण्टे बिजली दी जाएगी  लेकिन यहां तो जमीनी हकीकत कुछ और ही है । हालांकि कुछ ग्रामीणों ने बिजली विभाग के जिम्मेवारो से मिलकर  इस समस्या की शिकायत की है बदले में उन्हें आश्वाशन भी मिला है , की मामला संज्ञान में आया है

और जल्द ही आप लोगो की शिकायत दूर कर दी जाएगी  गेंहू की पकी फसल किसानों के खेतों में खड़ी है  इसीलिए दिन के ग्यारह बजे से शाम के पाँच बजे तक बिजली की कटौती की जा रही है 

वही दूसरी ओर ग्रामीणों ने बताया कि फिर शाम को सात व आठ बजे लाइट क्यो दी जाती है । और रात में भी कई बार काफी देर तक जो कटौती विभाग द्वारा की जाती है न आंधी  न पानी उसका जिम्मेदार कौन है । फिलहाल ग्रामीण विधुत उपभोक्ता प्रचंड गर्मी में बिजली विभाग द्वारा की जा रही घोषित कटौती से नही बल्कि अघोषित कटौती से खासे परेशान है । आखिर ग्रामीण विधुत उपभोक्ता अपने मन की बात कहे भी तो किससे और उनके दिलों के दर्द को सुने भी तो कौन

 

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