नानक देव जी के प्रकाशोत्सव वर्ष में विश्वविद्यालयों व शिक्षण संस्थानों में 12 नवम्बर तक आयोजित की जाएंगे गुरू जी की शिक्षाओं पर कार्यक्रम - मुख्य सचिव

नानक देव जी के प्रकाशोत्सव वर्ष में विश्वविद्यालयों व शिक्षण संस्थानों में 12 नवम्बर तक आयोजित की जाएंगे गुरू जी की शिक्षाओं पर कार्यक्रम - मुख्य सचिव

 करनाल :-

 हरियाणा के मुख्य सचिव श्री डीएस ढेसी ने कहा कि आगामी 12 नवम्बर 2019 तक मनाए जा रहे श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव के अवसर पर विभिन्न विश्वविद्यालयों द्वारा उनकी शिक्षाओं पर आधारित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जानी हैं। इसके लिए सभी विश्वविद्यालय आगामी 15 मई तक अपनी कार्य योजना महानिदेशक, सूचना, जन सम्पर्क एवं भाषा विभाग को भिजवाएं।

मुख्य सचिव डीएस ढेसी आज मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव तथा सूचना, जन सम्पर्क एवं भाषा विभाग के प्रधान सचिव एवं वित्तायुक्त डॉ. राजेश खुल्लर, शिक्षा के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास, कला एवं सांस्कृतिक विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती धीरा खंडेलवाल तथा सूचना, जन सम्पर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक समीर पाल सरो व संयुक्त निदेशक क्षेत्र डॉ. कुलदीप सैनी के साथ वीडियो कॉन्फ्रें स के माध्यम से जिला उपायुक्तों एवं राजकीय तथा निजी विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों के साथ श्री गुरु नानक देव के 550वें प्रकाशोत्सव की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे।

उन्होंने सभी विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों से इस प्रकाशोत्सव वर्ष में होने वाले कार्यक्रमों को आगामी 1 जून से शुरू करने को कहा। उन्होंने कहा कि सूचना, जन सम्पर्क एवं भाषा विभाग द्वारा सभी विश्वविद्यालयों को इस संदर्भ में 19 विषय भेजे गए हैं। इन विषयों में श्री गुरु नानक देव जी के जीवन दर्शन पर आधारित प्रदर्शनी, प्रश्नोत्तरी, भाषण प्रतियोगिता, शबद कीर्तन प्रतियोगिता, कवि दरबार या मुशायरा शामिल हैं। हालांकि विश्वविद्यालय अपने स्तर पर अन्य विषयों के चयन के लिए भी स्वतंत्र हैं। विश्वविद्यालयों में सेमिनार भी आयोजित किए जा सकते हैं। इसके लिए प्रबुद्घ वक्ताओंं की सूची भी तैयार की जाएं।  

मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव तथा सूचना, जन सम्पर्क एवं भाषा विभाग के प्रधान सचिव एवं वित्तायुक्त डॉ. राजेश खुल्लर ने कहा कि जो भी कार्यक्रम करें वह दिल से होना चाहिए ताकि आम व्यक्ति को उस कार्यक्रम से शिक्षा मिल सके। उन्होंने कहा कि किसी भी संत-महापुरूष की जयंती मनाने के लिए नहीं बल्कि उसे धारण करने के लिए मनानी चाहिए तभी उसके बेहतर परिणाम होंगे। 

इस अवसर पर श्री गुरु नानक देव के 550वें प्रकाश उत्सव के उपलक्ष में लॉगो लॉन्च किया गया। इस लॉगो में महिलाओं के गौरव को प्रदर्शित किया गया है। इसके तहत यह संदेश दिया गया है कि हमें महिलाओं को भुलाना नहीं चाहिए, जिन्होंने ऐसे महान व्यक्तित्वों को जन्म दिया है। एसीएस ने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को गुरु नानक देव की शिक्षाओं पर आधारित विषय पर शोध करने के लिए भी प्रेरित करें ताकि उनकी शिक्षाओं की वर्तमान समय में प्रासंगिकता का पता लगाया जा सके। उन्होंने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की शिक्षाओं का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने इन्हीं शिक्षाओं के आधार पर प्रदेश में साठी धान की खेती को किसानों को जागरूक करके काफी हद तक बंद करवा दिया था।

शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने कहा कि वे प्रदेश की सभी राजकीय एवं निजी विद्यालयों में श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव के उपलक्ष में उनकी शिक्षाओं व जीवन पर आधारित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित करवाई जाएंगी। इसके अलावा विभिन्न प्रश्नोत्तरी भी आयोजित करवाई जाएंगी।

सूचना, जन सम्पर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक समीर पाल सरो ने वीडियो कॉन्फ्रैंस का शुभारंभ करते हुए कहा कि गत दिनों करनाल में गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं एवं जीवन पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया था। उन्होंने कहा कि आगामी 12 नवम्बर तक ऐसे सभी कार्यक्रम किए जाएं। उन्होंने विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों का आह्वïान किया कि वे गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव के उपलक्ष में आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में कम से कम 550 पौधे लगाएं तथा सफाई अभियान भी अवश्य चलाएं ताकि आम जनता को कार्यक्रम की भव्यता के बारे में जानकारी मिल सके।

उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने जिला शिक्षा अधिकारी व कॉलेज के प्रधानाचार्यों को कहा कि गुरू नानक देव जी की जयंती के 550वें प्रकाश वर्ष में निदेशालय शिक्षा विभाग से जो भी निर्देश आएं उन पर बेहतरी से कार्य किया जाए और अधिक से अधिक विद्यार्थियों की इन कार्यक्रमों में भागीदारी सुनिश्चित की जाए और कार्यक्रम से पहले उसका मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार भी करवाया जाए। इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी राजपाल, पंडित चिरंजी लाल स्नातकोत्तर महाविद्यालय की प्राचार्या रेखा शर्मा, राजकीय महिला महाविद्यालय करनाल की प्राचार्या डॉ अनुराधा पुनिया, राजकीय महाविद्यालय असंध व जुंडला की प्राचार्या मीना कुमारी तथा शहीद उधम सिंह राजकीय महाविद्यालय इंद्री व तरावड़ी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ लोकेश त्यागी उपस्थित रहे। 

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