पराशर ऋषि की करोड़ों रुपए के कीमत की अष्टधातु मूर्ति चोरी

पराशर ऋषि की करोड़ों रुपए के कीमत की अष्टधातु मूर्ति चोरी

क्राइम संवाददाता- रणवीर सिंह 

गोण्डा:-

तरबगंज तहसील के उमरी बेगमगंज थाना क्षेत्र स्थित परास गांव में बीते वर्ष स्थापित की गई पराशर ऋषि की मूर्ति पर बीती रात चोरों ने हाथ साफ कर दिया। जिससे गांव में हड़कंप मच गया।

करोड़ों की इस चोरी हुई मूर्ति को खोजने के लिए पूरे प्रयास हनुमंत प्रताप सिंह उर्फ रीशू (पूर्व प्रधान प्रतिनिधि पुत्र परास मझवार) ने किया लेकिन सफलता हासिल नहीं हुई मूर्ति चोरी होने से ग्रामीणों में काफी आक्रोश है। हनुमंत प्रताप सिंह ने निराशा हाथ लगने पर कहा कि इस मामले में सीबीआई जांच किया जाए।
 
अष्टधातु की थी मूर्ति जिसकी बाजारू कीमत करोड़ों में बताई जा रही है।

पुराणों में वर्णित है ऋषि पराशर की महिमा।


महाभारत के रचयिता महर्षि वेदव्यास के पिता है ऋषि पराशर। चोरी की घटना 7 अप्रैल  2019 की रात को हुई। यह कोई पहला मामला नहीं है कि ऋषि पराशर की मूर्ति पहली बार चोरी की गई है, चोरों ने इसे चुराने की कई बार कोशिश किया, चुराया और वापस भी मिली। आज से लगभग 20 वर्ष पहले पराशर ऋषि की मूर्ति चोरी हो गई थी,

जो लगभग एक वर्ष पहले मिट्टी खुदाई में बिना हाथ पैर के मिली। जिसे ग्रामीणों ने पूजा पाठ के साथ पुनः मंदिर में स्थापित कर दिया गया था,लेकिन चोरों की नजर मूर्ति पर बनी हुई थी और अंतत: फिर चोरों ने पौराणिक मूर्ति को चुरा कर अपने नापाक इरादों को अंजाम दे दिया।

पुराणों में वर्णित ऋषि पराशर की मूर्ति अष्टधातु की बनी हुई थी जिसकी कीमत करोड़ों में बताई जा रही है फिर भी प्रशासन द्वारा इसकी सुरक्षा व्यवस्था के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे।
आज गोंडा जिला की व्यवस्था ऐसी हो गई है की आस्था का प्रतीक बनी पराशर ऋषि की मूर्ति को भी चोर चुराने से बाज नहीं आ रहे।

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