ग्राम वासियों के लिए ग्राम प्रधान बना अभिशाप

ग्राम वासियों के लिए ग्राम प्रधान बना अभिशाप

 

 

* बिना डिग्री के डाक्टर ग्राम वासियों की जिंदगियों से खिलवाड कर बन बैठा खुद भगवान

 

हरदोई ब्यूरो (शाहबाद) - 

 

ग्राम सहौरा में प्रधान डॉ मनोज वर्मा ने प्रधानमंत्री आवास योजना  का कार्य पूर्ण रूप से नहीं किया है और ना ही शौचालय निर्माण कराया हैं तथा सरकारी स्कूल की बिल्डिंग के अंदर ना तो मॉडल शौचालय है और ना ही वहां पर हैंडपंप सही है पानी की व्यवस्था पूरे गांव में गड़बड़ चल रही है कोई भी नल रिबोर नहीं किए गए हैं और जो कॉलोनी के लिए गरीब पात्र हैं उनको कॉलोनी ना देकर बड़े लोगों को ₹20000 लेकर आवास दिए गए हैं। तथा किसी भी सरकारी योजना का लाभ ग्राम सभा सहोरा के ग्रामवासियों को नही मिल पा रहा है और सफाई कर्मी गांव में आता नही है। तथा पुराना खड़ंजा पूरे गांव का अपने भराव में डलवा लिया है। 

 

जिसकी सूचना गांव वालों से प्राप्त हुई तथा सेक्रेटरी सब कुछ जानते हुए भी जानबूझकर अंजान बना हुआ है और अपने कार्य क्षेत्र की ग्राम सभाओं में जरा ध्यान देना उचित नही समझते है और ना ही जिले से लेकर प्रदेश के आला अधिकारियों का जरा भी खौफ है और भ्रष्ट ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी तथा खंड विकास अधिकारी के  रहमोकरम से आज कल इनके क्षेत्र में भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पार करता नजर आ रहा है इसके अलावा ग्राम प्रधान मनोज कुमार वर्मा ने एक निजी अस्पताल बनाकर उसमें अल्ट्रासाउंड की मशीन लगा रखी है l

 

 जिसका दुरूपयोग कर अपने ही क्षेत्र वासियों की जिंदगियों के साथ खिलवाड़ कर गाढी कमाई कर रहा है और इतना ही नही इस अस्पताल मे भ्रुण हत्या जैसे अपराधिक मामले होना तो एक सहज आम बात बनकर रह गई है आखिर ऐसे किस अधिकारी की दृष्टि छाया में यह ग्राम प्रधान काला कारोबार चला रहे है तथा ग्राम प्रधान के द्वारा विकास खंड भरखनी क्षेत्र के ग्राम पंचायत कूडी के ग्राम प्रधान बिना किसी डिग्री के अपना निजी अस्पताल चलाते हुए अपने ही ग्राम सभा के वासियों की जिदंगी के भगवान बने बैठे और कब किस व्यक्ति को अपनी जिंदगी से हाथ धोना पड़ जाये 

 

ये तो शायद किसी को नही पता है और अब सवाल यह उठता है कि आखिर कब जिले के जिम्मेदार अधिकारी इन अपराधिक लोगों पर शिकंजा कसते है ? अपने ग्राम पंचायत के एक ईमानदार व कर्मठ व्यक्ति को  ये ग्राम वासी अपना अंगरक्षक बनाते है जिनको वो ग्राम प्रधान भी कहते है और किस तरह से एक अंगरक्षक अपनी जिम्मेदारी को लालच के दांव पर लगाकर कैसे ग्राम वासियों की जिदंगी से खिलवाड करता है । अब देखना यह कि योगी सरकार के नुमाईदें कब इन अपराधियों पर कानून का चाबुक चलाते है

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