ड्रग्स अपराधियों की पेरोल पर सख्ती , मान्यता प्राप्त राजनैतिक दल को एक व अन्य दलों के प्रत्याशी के लिए 10 प्रस्तावक जरुरी ,बिना अनुमति विज्ञापन नहीं चलेंगे

 ड्रग्स अपराधियों की पेरोल पर सख्ती , मान्यता प्राप्त राजनैतिक दल को एक व अन्य दलों के प्रत्याशी के लिए 10 प्रस्तावक जरुरी ,बिना अनुमति विज्ञापन नहीं चलेंगे

सीहोर :- निर्वाचन के दौरान ड्रग्स अपराधियों की पेरोल पर सख्ती

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी व्हीएल कान्ता राव ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लोकसभा आम चुनाव -2019 के दौरान ड्रग अपराधियों की पेरोल पर प्रतिबंध को कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए हैं। आदर्श आचार संहिता पेरोल पर दोषियों की रिहाई के मामलों पर भी लागू होगी। यदि राज्य सरकार किसी भी दोषी को रिहा करना नितान्त आवश्यक मानती है,तो राज्य सरकार पेरोल देने से पहले मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से परामर्श करेगी । अत्याधिक आकस्मिकता तथा चुनाव संबंधी गतिविधियों के मामलों में लिप्त न होने पर पेरोल दिए जाने पर विचार किया जाएगा। 

 

      आयोग ने ड्रग्स अपराधियों को पेरोल पर रिहा करने में और अधिक सख्ती करने के निर्देश दिए हैं। यदि ऐसे अपराधियों को पेरोल दिया जाना कतिपय कारणों से आवश्यक हो जाता है, तो पुलिस और ड्रग कानून प्रवर्तन एजेंसियों को अग्रिम सूचना दी जायेगी । विशेष तौर पर नारकोटिक्स कन्ट्रोल ब्यूरो को सूचना दी जायेगी, जिससे पेरोल पर छूटे व्यक्तियों पर नजर रखी जा सके। आपत्तिजनक गतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर पेरोल रद्द हो सकेगा। जिला निर्वाचन अधिकारी पेरोल पर दोषियों की रिहाई से संबंधित जानकारी केन्द्रीय प्रेक्षकों को उपलब्ध करायेंगे।

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मान्यता प्राप्त राजनैतिक दल के उम्मीदवार के लिए एक प्रस्तावक एवं अन्य दलों के लिए 10 प्रस्तावक आवश्यक होंगे। 

 

सीहोर   

लोकसभा चुनाव में मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के अभ्यर्थियों को, केवल एक प्रस्तावक आवश्यक है शेष अन्य सभी दलों को या निर्दलीय अभ्यर्थियों को 10 प्रस्तावक आवश्यक हैं। प्रस्तावक उसी निर्वाचक क्षेत्र के निर्वाचक होने चाहिए। अभ्यर्थी को उस निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक नामावली के प्रासंगिक पृष्ठ की सत्य प्रतिलिपि प्रस्तुत करनी होगी, जो नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा पूर्ण होने तक प्रस्तुत की जा सकती है। निरक्षर प्रस्तावकों को, नाम निर्देशन पत्र दाखिल करते समय रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष नाम निर्देशन पत्र के भाग 2 में अपने अंगूठे का निशान या अन्य कोई निशान लगाते समय उपस्थित रहना होगा। रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष ही वे अपना अंगूठा लगा सकेंगे एवं प्रमाणीकरण करा सकेंगे।

 

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 बिना अनुमति विज्ञापन चलाने पर कार्यवाही होगी  सीहोर 18 

   भारत निर्वाचन आयोग द्वारा इलेक्ट्रानिक मीडिया के माध्यम से प्रसारित किए जाने वाले विज्ञापन के संबंध में विस्तृत निर्देश जारी किए गए हैं। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार किसी भी केबल टीवी नेटवर्क द्वारा कोई भी राजनैतिक विज्ञापन पूर्व प्रमाणीकरण के बिना प्रसारित नहीं किए जाएंगे। यदि कोई केबल टीवी नेटवर्क प्री-सर्टिफिकेशन कराए बगैर कोई राजनैतिक विज्ञापन जारी करता या प्रसारित करता है, तो नियमानुसार उसके नेटवर्क के उपकरणों को जब्त कर लिया जाएगा एवं उसके विरूद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

            केबल टेलीविजन नेटवर्क के अधिनियम 1995 तथा उनके उपबन्धों के अनुसार केबल टेलीविजन नेटवर्क प्रचार के विनियम की धारा 6 में कोई भी व्यक्ति केबल सेवा के माध्यम से अपना प्रसारण नहीं करेगा, जब तक कि वह निर्धारित विज्ञापन संहिता के अनुरूप न हो। इसका उल्लंघन करने पर प्राधिकृत अधिकारी द्वारा केबल ऑपरेटर के उपकरण जब्त किए जा सकेंगे। राजनैतिक विज्ञापनों के प्रमाणीकरण के लिए जिला एवं राज्य स्तर पर मीडिया प्रमाणीकरण एवं अनुवीक्षण समिति (एमसीएमसी) का गठन किया गया है। इन कमेटियों के अनुमोदन उपरांत ही कोई राजनैतिक विज्ञापन केबल टेलीविजन नेटवर्क के माध्यम से प्रसारित किया जा सकता है। राजनैतिक दल के विज्ञापन के पूर्व प्रमाणीकरण हेतु राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा प्रदेश स्तर पर एमसीएमसी कमेटी गठित की गई है तथा उम्मीदवारों द्वारा किए जाने वाले विज्ञापन का पूर्व प्रमाणीकरण जिला स्तर पर गठित एमसीएमसी द्वारा किया जाता है। इन दोनों स्तरीय समितियों द्वारा किए जाने वाले पूर्व प्रमाणीकरण के पश्चात ही राजनैतिक विज्ञापन केबल टेलीविजन नेटवर्क के माध्यम से प्रसारित किए जा सकते हैं।

 

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