पाकिस्तान का दो हजार वर्ष पुराना ऐसा हिन्दू मंदिर जहां मुस्लिम भी टेकते हैं मत्था

पाकिस्तान का दो हजार वर्ष पुराना ऐसा हिन्दू मंदिर जहां मुस्लिम भी टेकते हैं मत्था

क्राइम संवाददाता- रणवीर सिंह 

लखनऊ:-

पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में हिंदू धर्म के बहुत से ऐसे मंदिर है, जहां पर मुसलमान आकर अदब से सिर झुकाते है। ऐसे ही वहां मौजूद एक सूर्य मंदिर है। जिसे बनवाने की वजह सिर्फ भगवान शिव के द्वारा श्राप से मुक्ति थी। मुल्तान में स्थित इस मंदिर में करीब 1500 साल पहले घूमने के लिए आए चीनी बौद्ध भिक्षुओं ने इस मंदिर के बारे में कई बातें लिखी हैं। चीनी बौद्ध भिक्षुओं ने इस मंदिर के बारे में बताया कि मोहम्मद बिन कासिम और मोहम्मद गजनी ने इस मंदिर को एक बार नहीं बल्कि कई बार लूटा था।

करांची का राम और हनुमान मंदिर

       कराची स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर को लेकर यह मान्यता है कि यह मंदिर करीब 2 हजार वर्ष पुराना है। त्रेता युग से करीब 17 लाख साल पुरानी हनुमान जी की एकमात्र मूर्ति इसी मंदिर में स्थापित है। इस मंदिर का पुनर्निर्माण वर्ष 1082 में कराया गया था। इस मंदिर में भी बजरंगबली के भक्तों की भीड़ हमेशा लगी रहती है। भारत में राम मंदिर को लेकर  राम भक्तों के अंदर बहुत गहरी आस्था है। लेकिन पाकिस्तान में भी कुछ राम मंदिर स्थित हैं, जिनमें सबसे विशेष इस्लाम कोट का राम मंदिर है।

हिंदू काउंसिल ऑफ पाकिस्तान के कामों के लिए मंदिर का उपयोग

        बताते हैं कि जब पर्वती सती हो गईं तो महादेव की आंख से आंसू गिरे थे। जिनमें से एक आंसू भारत के पुष्कर में तो वहीं दूसरा आंसू पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के चकवाल जिले में गिरा था। कहा जाता है कि पाकिस्तान में अब से करीब 900 साल पहले कटास राज मंदिर को बनवाया गया था। करांची में स्थित वरुण देव मंदिर करीब सैकड़ों वर्ष से भी ज्यादा पुराना है। यह करांची के मनोड़ा आइलैंड में बना हु है। पाकिस्तान में अब इस मंदिर का उपयोग हिंदू काउंसिल ऑफ पाकिस्तान के कामों के लिए होता है। इस मंदिर में हिंदुओं से ज्यादा मुस्लिम मत्था टेकने आते हैं।

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