सुप्रीम कोर्ट-आपराधिक मामलों में दोषी नेताओं को आजीवन चुनाव लड़ने पर होगा विचार

सुप्रीम कोर्ट-आपराधिक मामलों में दोषी नेताओं को आजीवन चुनाव लड़ने पर होगा विचार

संवाददाता -अजय कुमार यादव 


नई दिल्ली:-

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को आपराधिक मामलों में दोषी ठहराए जाने वाले नेताओं पर विचार विमर्श करते हुए कहा है कि वह आजीवन चुनाव लड़ने वाली याचिका पर विचार करेंगे। शीर्ष अदालत ने इस मामले को गंभीर बताया है।

चीफ जस्टिस रंजन गोगई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने भाजपा नेताओं तथा याचिकाकर्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय से कहा कि वह पूर्व में दाखिल अपनी याचिका की मुख्य मांगों से न भटकें।

वास्तव में उपाध्याय नेे सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि आपराधिक मामलों में दोषी ठहराए जाने वाले नेताओं पर आजीवन चुनाव लड़ने पर पाबंदी लगा दी जानी चाहिए। याचिका में तर्क दिया गया था कि अगर किसी सरकारी अधिकारी को आपराधिक मामले में दोषी ठहराया जाता है

तो उसकी नौकरी हमेशा के लिए खत्म हो जाती है। ऐसे में नेताओं को प्राथमिकता क्यों दी जाती है। इस सुनवाई के दौरान पीठ ने इस मामले पर विचार करने का निर्णय लेने से पहले यह जानना चाहता था कि सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का क्या हुआ जिसमें दागी नेताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमों का निपटारा एक वर्ष में पूरा करने का निर्देश दिया गया था।

पीठ ने अब इस मसले को गंभीर बताते हुए इस पर विचार करने का निर्णय लिया है। चार दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर विचार करेगा।

Loading...
Loading...

Comments