अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शायर  अनवर जलालपुरी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि

अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शायर  अनवर जलालपुरी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि

अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शायर  अनवर जलालपुरी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि

 

स्वतंत्र प्रभात संवाददाता आशुतोष शर्मा

जलालपुर ।

अंबेडकर नगर अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त यश भारतीय व पदमश्री सम्मानित प्रख्यात शायर अनवर जलालपुरी को आज देश ही नहीं विदेशों में भी अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित की गई ।


लोग अच्छे हैं बहुत,दिल मे उतर जाते हैं।
बस यही एक खराबी है कि मर जाते हैं।।"
जनपद का परचम देश के कोने कोने में ही नहीं विदेशों में भी बुलंद करने वाले आबरू-ए-ऊर्दू अनवर जलालपुरी का 2 जनवरी 2018 को लखनऊ में इलाज़ के दौरान इन्तेकाल हो गया था।
"हर एक जबां पर तेरा तजकरा अभी तक है।
जहाँ को छोड़ गया तू यकीं नहीं होता।।"
जी हाँ, उर्दू जुबां के साथ हिंदी भाषा को भी बराबर लेकर चलने की महारत प्राप्त करने वाले अनवर जलालपुरी का जन्म 6 जुलाई 1947 को हाफिज हारून के परिवार में हुआ था। 

जलालपुरी ने गीता का उर्दू अनुवाद कर साबित कर दिया कि देश की गंगा जमुनी संस्कृति सांझी विरासत है। श्री जलालपुरी की अधिकांश शायरी देश की एकता व अखंडता पर आधारित नज़र आती है।


"मौत उसकी जिस का करे जमाना अफ़सोस।
यूं तो दुनिया मे सभी आए हैं मरने के लिए।।"
यश भारतीय व पदमश्री अवार्ड से सम्मानित उर्दू मंच संचालक की पुण्यतिथि पर आज देश ही नहीं विदेशों में भी अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है।

जनपद की तहसील टाण्डा में जन्मे अनवर जलालपुरी ने जनपद का नाम देश के कोने कोने सहित विदेशों में भी बुलंद किया।

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