इल्म हासिल करना हर मर्द व औरत पर है फ़र्ज़, इस्लाम में दहेज है हराम

इल्म हासिल करना हर मर्द व औरत पर है फ़र्ज़, इस्लाम में दहेज है हराम

जमुई:

को खैरा प्रखंड के गढ़ी ईदगाह मैदान में समाज में व्याप्त बुराइयों को खत्म करने के उद्देश्य से महिलाओं का इसलाहे मोआशरा कांफ्रेस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम भिन्न गांव से सैकड़ों की संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। सम्मेलन का आयोजन सुन्नी उलमा बोर्ड के बैनर तले व मदरसा नईमिया गरीब नवाज के  देख-रेख में किया गया। इसकी सुरुआत फजिला यासमीन फातिमा के द्वारा कुरआन की तिलावत से किया गया। इस दौरान शमा आफरीन और गुलशने फातिमा द्वारा नाते मुस्तफा(स.आ.व.)बड़े ही मखलूस अंदाज में पेश किया। वहीं हैदराबाद की फाजिला नसीन फातिमा ने अपने तकरीर में महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस्लाम ने औरतों का मकाम बहुत ही बुलंद रखा है। अल्लाह के नबी ने फरमाया है कि इल्म को हासिल करना हर मर्द व औरत पर फर्ज है लेकिन मेरे समाज की औरतें इल्म से काफी दूर है। उन्होंने कही की बिना इल्म के हमें अपनी अहमियत और अधिकार का पता नहीं चल सकता। वहीं फाजिला खदीजा खातून ने कहा कि दहेज की प्रथा ने हम नारियों को समाज में बोझ बना दिया है जबकि इस्लाम तिलक और दहेज मांगने वालों का घोर निंदा करता है। इतना ही इस्लाम मे दहेज हराम है। आलिया मुस्कान खातून ने कहा कि औरत का मूल छन उसकी लज्जा है लेकिन आज मेरे समाज में महिलाएं मॉर्डन सभ्यता, पुरानी संस्कृति और देश की पुरानी सभ्यता से दूर होने के कारण बहुत सारी घटनाएं समाज में देखने को मिल रही हैं। इसलिए महिलाओं के लिए जरूरी है कि वे धर्म के अनुकुल अपना जीवन व्यतीत करें। इस मौके पर बड़ी संख्या में आलिमा, फाजिला एवं गणमान्य महिलाएं मौजूद थी। कांफ्रेंस को सफल बनाने के लिए हाफिज अब्दुल हन्नान, मौलाना युसूफ बरकाती, मौलाना सैफुउल्लाह, मौलाना फारूक रजा, मौलाना तौफिक, मो. गुलजार, मौलवी मुस्लिम एवं बोर्ड के मौलाना कादरी, मौलाना गफ्फारी, मुफ्ती सज्जाद, हाफिज सिबगतुल्ला, मौलाना निसार, समाजसेवी इंजीनियर नौशाद आलम आदि मौजूद थे।

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