रखायिन से गए रोहिंग्याओं को वापस लेने को तैयार म्यांमा

रखायिन से गए रोहिंग्याओं को वापस लेने को तैयार म्यांमा

पिछले वर्ष अगस्त में रोहिंग्या के सशस्त्र समूहों द्वारा सुरक्षा चौकियों पर हमलों के बाद उनके खिलाफ सेना ने कार्रवाई की थी, जिसके परिणामस्वरूप सात लाख से अधिक रोहिंग्या म्यांमा के पश्चिमी राज्य रखायिन से चले गए थे।

 

संयुक्त राष्ट्र सहायता एजेंसियों ने म्यांमार से कहा है कि रखायिन प्रदेश से बंग्लादेश गए लाखों शरणार्थियों की सुरक्षित वापसी के लिये वहां स्थिति में सुधार करे, और जो नागरिकता के योग्य हैं, उन्हें नागरिकता प्रदान करे। संयुक्त राष्ट्र और म्यामां के बीच जून के शुरु में रोहिंग्या शरणार्थियों की बंगलादेश से सुरक्षित वापसी के बारे में समझौता हुआ था। संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों का कहना है कि तीन मुख्य बातों पर तुरंत ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।

ये हैं, रोहिंग्या शरणार्थियों को रखायिन प्रदेश में वापसी की अनुमति, सभी समुदायों के कहीं भी आने जाने की आजादी और समस्या के मूल कारणों को दूर करना। पिछले वर्ष अगस्त में रोहिंग्या के सशस्त्र समूहों द्वारा सुरक्षा चौकियों पर हमलों के बाद उनके खिलाफ सेना ने कार्रवाई की थी,

जिसके परिणामस्वरूप सात लाख से अधिक रोहिंग्या म्यांमा के पश्चिमी राज्य रखायिन से चले गए थे। म्यांमा ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है कि वह रोहिंग्या लोगों को आतंकवादी बताकर
उनका सफाया करना चाहती है। म्यांमा का कहना है वह रखायिन से गए रोहिंग्या लोगों को वापस लेने को तैयार हैं।

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