इसरो ने गगनयान को बताया सबसे बड़ी प्राथमिकता

इसरो ने गगनयान को बताया सबसे बड़ी प्राथमिकता

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो नव वर्ष को नए मिशन के लिए नए संकल्प के साथ शुरू कर रहा है. प्रधानमंत्री ने जिस मानवयुक्त अंतरिक्ष अभियान को 15 अगस्त 2022 से पहले पूरा करने का एलान किया था,

उस गगनयान मिशन के लिए इसरो ने दिसंबर 2021 तक का लक्ष्य रखा है. वहीं चंद्रयान-2 को इस साल मध्य अप्रैल में प्रक्षेपित किए जाने की योजना है. 2020 और 2021 में दो मानवरहित मिशन भी लॉन्च किए जाएंगे.

 

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो अंतरिक्ष में और ऊंची उड़ान के लिए तैयारियों में जुटा है. साल 2019 में पहली पत्रकार वार्ता में शुक्रवार को इसरो के अध्यक्ष के सिवन ने आने वाले वक़्त में इसरो के बड़े मिशन की जानकारी दी. उन्होंने घोषणा की कि भारत के दूसरे चंद्र अभियान चंद्रयान-2 को इस साल मध्य अप्रैल में प्रक्षेपित किए जाने की योजना है.

800 करोड़ रुपये की लागत वाला यह अभियान करीब 10 साल पहले प्रक्षेपित किए गए चंद्रयान-1 का उन्नत संस्करण है. इसरो ने पहले इस साल जनवरी से 16 फरवरी के बीच चंद्रयान-2 के प्रक्षेपण का लक्ष्य रखा था.

स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2022 से पहले गगनयान मिशन की घोषणा के बाद इसरो ने भी इस महत्वाकांक्षी मिशन के लिए कमर कस ली और इसरो प्रमुख ने स्पष्ट कर दिया है कि इसरो की सबसे बड़ी प्राथमिकता गगनयान है

जिससे पहले दो मानवरहित मिशन होंगे जिनकी समय सीमा दिसंबर 2020 और जुलाई 2021 रखी गई है. जिसके बाद 2022 से पहले ही दिसंबर 2021 तक पहले मानवयुक्त मिशन-गगनयान का लक्ष्य रखा गया है.

बदलते वक़्त के साथ इसरो भी नए भारत की प्राथमिकताओं के साथ कदम मिलकर चल रहा है. इसीलिए एक ओर जहां इसरो सरकार से मिले 30 हजार करोड़ के पैकेज को पीएसएलवी, जीएसएलवी और गगनयान जैसे महत्वपूर्ण मिशन के अलावा रोजगार में भी प्रयोग करेगा, तो वहीं स्टार्ट-अप योजना के तहत अपना योगदान देने के साथ इसरो देशभर में 6 इंक्यूबेशन सेंटर बना रहा है जो सभी प्रॉजेक्ट्स के लिए ट्रेनिंग मुहैया कराएंगे.

इन घोषणाओं से ये स्पष्ट है कि आने वाले वर्षों में सफलता की कई नई इबारत लिखने को तैयार है इसरो.

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