विद्यालय प्रभारी ने पूर्व विद्यालय प्रभारी पर कराई प्राथमिकी दर्ज

विद्यालय प्रभारी ने पूर्व विद्यालय प्रभारी पर कराई प्राथमिकी दर्ज

पूर्व विद्यालय प्रभारी प्रवीण कुमार सिंह पर छात्रवृति की राशि गवन करने का है आरोप

  • फर्जी हस्ताक्षर कर कई मदों से निकाली गई थी राशि
  • मार्च महीने में भी फर्जी चेक द्वारा दो बार निकाली गई है राशि
  • एक विद्यालय में पदस्थापित होने के बावजूद प्रभारी ने दूसरे विद्यालय की तिजोरी में मारा सेंध

जमुई:-आये दिन शिक्षा विभाग  अपने काले कारनामों को लेकर सुर्खियों में रही है।इसी तरह का एक चौकाने वाला मामला प्रकाश में आया है।इन्हीं काले कारनामों के लिस्ट में एक और नाम सिजुआटांड़ प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रवीण कुमार का नाम जुड़ा है।जिसपर नवीन प्राथमिक विद्यालय तिलेर की शिक्षा समिति ने खैरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।सिजुआटांड़ प्राथमिक विद्यालय के प्रभारी प्रवीण कुमार सिंह पर आरोप है कि विद्यालय से मुक्त होने के बावजूद उन्होंने गलत तरीके से विद्यालय मद की राशि की निकासी की है।इतना ही नहीं बताया जाता है कि वर्ष 2014 में भवन निर्माण के लिए प्रतिनियुक्त प्रभारी प्रधानाध्यापक प्रवीण कुमार सिंह ने 2015 से लेकर 2018 तक की छात्रवृत्ति एवं पोशाक योजना की राशि का गबन कर लिया।

लखीसराय के केनरा बैंक से निकाली गई है राशि

उस प्रधानाध्यापक के हिम्मत की भी दाद देनी होगी। छात्रवृत्ति और पोशाक योजना की राशि को उसने केनरा बैंक, लखीसराय के एक खाताधारी राजीव कुमार के खाते में सभी राशि हस्तांतरित किया है। हैरत की बात तो यह है कि उक्त प्रभारी ने वर्तमान प्रभारी नंदकुमार दास एवं शिक्षा समिति के सचिव विनीता देवी का फर्जी हस्ताक्षर कर एक बार फिर से 80 हजार रुपये राजीव कुमार के खाते में एक बार फिर ट्रांसफर कर लिया गया। यह सब कारनामा लखीसराय स्थित केनरा बैंक की शाखा से हुआ है।

राशि गवन मामले में आइस के छात्र ने की थी कार्रवाई की मांग

बताते चलें कि जिस वक्त प्रभारी प्रधानाध्यापक द्वारा बच्चों की छात्रवृति और पोशाक की राशि अवैध तरीके से गवन करने का मामला प्रकाश में आया था तो आइसा के छात्र बाबू साहब ने संबंधित अधिकारियों को एक आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी।लेकिन अधिकारियों द्वारा इस विषय पर कुछ संज्ञान नहीं लिया गया जिसका नतीजा ये हुआ कि धीरे-धीरे प्रभारी प्रधानाध्यापक प्रवीण कुमार सिंह का मनोबल बढ़ता गया और इस कदर बेखौफ हो गए कि विद्यालय से मुक्त होने के बाद भी फर्जी चेक और सिग्नेचर से तकरीबन 80 हज़ार रुपये निकाल लिए।वहीं इस मामले में फिर आइसा के छात्र बाबू साहब ने कहा कि अगर भ्रष्टाचार से लिप्त प्रभारी पर कार्रवाई नहीं होती है तो आंदोलन के द्वारा अधिकारियों की नींद तुड़वाने का काम किया जाएगा।

की गई त्रिस्तरीय जांच समिति का गठन

शिक्षा समिति के आवेदन पर त्रिस्तरीय जांच समिति का गठन खैरा प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मिथिलेश्वर शर्मा द्वारा किया गया है।इसके अलावा उनके आदेश पर खैरा थाने में पूर्व प्रभारी प्रधानाध्यापक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। यहां बताते चलें कि प्रवीण कुमार सिंह 20 दिसम्बर 2018 तक विद्यालय के प्रभार में रहे। जिला शिक्षा पदाधिकारी के आदेश पर 20 दिसम्बर 2018 से नंद कुमार दास ने प्रभारी प्रधानाध्यापक का पदभार ग्रहण किया। 28 दिसम्बर को बैंक में नंदकुमार दास राशि निकासी के लिए अधिकृत किए गए। खाता अपडेट कराने के बाद मामले का खुलासा हुआ।

कहते हैं थानाध्यक्ष

इस सम्बंध में खैरा थानाध्यक्ष रविशंकर सिंह ने बताया कि नवीन प्राथमिक विद्यालय, तिलेर शिक्षा समिति द्वारा सिजुआटांड़ प्राथमिक विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक प्रवीण कुमार सिंह के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।मामले का अनुसंधान की जा रही है जल्द ही मामले का खुलासा कर अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी।

 

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