मुहर्रम पर्व के दस्तक देते ही या हुसैन के नारों के साथ सजने लगा इमामबाड़ा

मुहर्रम पर्व के दस्तक देते ही या हुसैन के नारों के साथ सजने लगा इमामबाड़ा

जमुई:गम का पर्व मुहर्रम पर्व के दस्तक देते ही इसकी तैयारी में लोग जुटे हुए हैं।लोग अपने-अपने इमामबाड़े को सजाने में लगे हैं।सभी इमामबाड़ों पर या हुसैन के नारे गूंजने लगे है। डंके की चोट पर युवा वर्ग के लोग पंरपरागत हथियार के साथ इमामबाड़े के समीप जाकर रस्म अदा कर रहे हैं। शनिवार को जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के इमामबाड़े के समीप युवाओं ने पैक बांधे।

पैक बांधने के बाद या हूसैन के नारे लगाते हुए लोग एक दूसरे जगह जाने के लिए रवाना हो गये। शहर के गलियों में भी या हूसैन के नारे लग रहे हैं। बताया जाता है कि जो लोग मुहर्रम के मौके पर पैक बांधते हैं वे घर नहीं जाते हैं। जगह-जगह विचरण करते हैं। ताजिया स्थापन होने के दौरान इमामबाड़े के समीप ही पैक खोला जाता है।

वहीं मुहर्रम को लेकर जगह-जगह सिपल का निर्माण कराया जा रहा है। शनिवार को ताजिया स्थापित किया जायेगा। इसके बाद अखाड़ा में उस्तादों को पगड़ी बांधा जायेगा।डंके की चोट पर कलाकार अपनी प्रतिभा दिखायेंगे। यूं तो लकड़ी का खेल खेलने के लिए युवा वर्ग के लोग पहले से ही अभ्यास कर रहे हैं। विभिन्न मोहल्लों के उस्ताद युवा वर्ग के लोगों को खेल का अभ्यास करा रहे हैं।

 

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