कदौरा की खबरे

कदौरा की खबरे

8- सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट पर पुलिस अधीक्षक की हिदायत बेअसर

  • - व्हाट्सअप, फेसबुक पर अफवाहों का दौर जारी

उरई। जिले की कमान संभालते ही पुलिस अधीक्षक डा. सतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालने में सावधानी बरतने का फरमान सुनाया था। उन्होंने कहा कि फेसबुक व व्हाट्सअप पर किसी भी सूचना को पोस्ट करते समय उसमें हकीकत का ध्यान रखा जाए। इसके अलावा किसी भी पोस्ट को शेयर तभी किया जाए जब उसमें सच्चाई हो। यदि कोई झूठी अफवाह या भड़काऊ टिप्पणी सोशल मीडिया पर डाली गई तो कड़ी कार्रवाई होगी।

पुलिस अधीक्षक ने आते ही सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट को लेकर सख्त तेवर जरूर दिखाए थे लेकिन इसके बावजूद सोशल मीडिया पर बच्चा चोर गिरोह के अलावा कई भड़काऊ खबरें पोस्ट की जा रही हैं। आए दिन फेसबुक व व्हाट्सअप पर भड़काऊ पोस्ट नजर आ रही हैं। यही नहीं इन भड़काऊ व झूठी, मनगढ़ंत खबरों को लोगों द्वारा शेयर भी खूब किया जा रहा है। राजनैति, धार्मिक एवं बच्चा चोर गिरोह एवं अन्य भड़काऊ सामग्री फेसबुक व व्हाट्सअप ग्रुप में पढऩे को मिल रही हैं।

पुलिस अधीक्षक की टीम सोशल मीडिया पर क्यों चुप है। ऐसा नहीं कि पुलिस को सोशल मीडिया पर डाली जा रही खबरों की जानकारी न हो पर पुलिस का खुफिया तंत्र कुंभकर्ण की नींद सोता नजर आ रहा है। पुलिस के खुफिया तंत्र को शहर में हो रहे साइबर क्राइम की कोई खबर न हो एेसा हो नहीं सकता पर यह हो सकता है कि सब जानकर भी अनजान बने हुए हैं। जिन लोगों द्वारा आपत्तिजनक व भड़काऊ पोस्ट डाली जा रही है वह सत्ता के बेहद करीबी हैं जिन पर हाथ डालने से पुलिस भी हिचकती है शायद इसीलिए साइबर क्राइम का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है।

पुलिस अधीक्षक डा. सतीश कुमार ने बताया कि फेसबुक व व्हाट्सअप पर जो भड़काऊ व आपत्तिजनक पोस्ट शेयर की जा रही हैं उन पर जल्द ही कार्रवाई शुरू की जाएगी।  

 

9- करोड़ों का राजस्व उगलने वाले क्षेत्र का रास्ता तीस सालों से जर्जर

  • - दो गांवों को जोडऩे वाला संपर्क मार्ग कच्चा, नहीं पहुंचती एंबुलेंस

कदौरा। जिस सड़क से करोड़ों का राजस्व सरकार को जाता है तीस वर्षों से आती जाती सरकारों में खराब उस सड़क की सुनवाई न होने से परेशान दो गांवों के बाशिंदे खुद के साथ भेदभाव होता महसूस कर रहे हैं। कीचड़ मिट्टी गड्ढे युक्त सड़क से परेशान दो गांवों के बाशिंदों ने उक्त समस्या निजात के लिए मुख्यमंत्री से सड़क निर्माण की मांग की है। ज्ञातव्य हो कि कदौरा क्षेत्र ग्राम भेंड़ी बड़ागांव बालू घाट व दोनों गांवों को चतेला सड़क से जोडऩे वाली छह किमी. सड़क पिछले तीस सालों से जर्जर है जिससे तमाम सुविधाओं से वंचित ग्रामीण तमाम मुसीबतों का सामना करते हुए विकास की आस लगाए बैठे हैं। ग्रामीण गयादीन, चरण सिंह, रूप सिंह, छोटे बाबू, महेश, सुमन, शशि, राम देवी, अनीता आदि लोगों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर बताया कि ग्राम बड़ागांव व भेंड़ी से जलालपुर कदौरा सड़क तक आने के लिए छह किमी संपर्क मार्ग बेहद जर्जर व कच्चा है जिससे सरकार प्रति वर्ष करोड़ों का राजस्व वसूलती है। आधा दर्जन से अधिक बालू खंड से आने जाने वाले ट्रक इस मार्ग को और भी जर्जर कर चुके हैं। उक्त संपर्क मार्ग का सन् 1986 में डामरीकरण हुआ था जो कि ओवरलोड बालू ट्रकों के आवागमन की वजह से चंद दिनों में उखड़ गया था और तब से उक्त जर्जर सड़क अब बड़े बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुकी है जिस पर दोनों गांवों के बाशिंदे गांव से निकलने के लिए उक्त सड़क पर गिरते पड़ते कहीं आते जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क में गड्ढे पानी होने से बीमारी जैसी समस्याओं में 108 व 102 एंबुलेंस सेवा भी नही पहुंच पाती जिससे मरीजों के उपचार की समस्या बढ़ जाती है। कई बार सरकार व क्षेत्रीय प्रतिनिधियों को अवगत कराने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ है। ग्रामीणों द्वारा मजबूर होकर पुन: मुख्यमंत्री को उक्त समस्या से अवगत कराकर निर्माण की मांग की गई एवं कहा गया कि हर वर्ष सरकार को ये याद रहता है कि उक्त गांव के आसपास बालू खंड संचालित करवाकर राजस्व वसूलना है पर ये क्यों नहीं दिखता कि छह किमीं सड़क से गांव के लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त है। बीमारों व गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक ले जाने में बड़ी मुसीबत का सामना करना पड़ता है।

 

 स्कूलों के आसपास गहरे जलभराव से बच्चों को मुसीबत

  • - तीन विद्यालयों में हालात को लेकर ग्रामीणों ने जताई आपत्ति
     

कदौरा। लगातार बारिश को लेकर ग्रामीणांचल के कुछ इलाकों में जलभराव से ग्रामीणों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। वहीं गांव विद्यालयों के आसपास जलभराव से बच्चों को विद्यालय आवागमन में हो रही मुसीबत को लेकर ग्रामीणों द्वारा आपत्ति जताई गई। ज्ञातव्य हो कि कदौरा विकास खंड के ग्राम मरगायां में प्राइमरी, जूनियर व राजकीय विद्यालय में बाउंड्री व रास्ते में जलभराव के कारण गुरुवार को ग्रामीण डा. सत्यप्रकाश कठेरिया, अशोक आनंद, मोहन यादव, रणविजय, अनिल सिंह, कल्याण, कुलदीप आदि लोगों द्वारा आपत्ति जताते हुए बताया गया कि तीनों विद्यालयों के आसपास व बाउंड्री में जलभराव से गुरुवार को तमाम बच्चे स्कूल नहीं जा पाए व कुछ बच्चे लौट ही गए एवं गहरे जलभराव से खतरे की भी आशंका जताई। साथ ही कहा गया कि उक्त जलनिकास की कोई व्यवस्था भी नहीं है क्योंकि आसपास सभी जगह जलभराव है। फिलहाल उक्त गहरे जलभराव से बच्चों के आवागमन के लिए खतरा बना हुआ है। साथ ही कहीं न कहीं बच्चों का शिक्षण कार्य भी बाधित हो रहा है क्योंकि विद्यालय तो खुले रहे लेकिन पानी के कारण बच्चों की संख्या कम ही रही। बारिश होने व जलनिकासी न होने से अन्य कुछ गांव के विद्यालयों में भी जलभराव की समस्या बनी हुई है।

 

एसडीएम ने किया कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का निरीक्षण

जालौन। छात्राओं की पढ़ाई का स्तर सुधारने के लिए अतिरिक्त क्लासें लगाकर उन्हें पढ़ाएं ताकि उनकी पढ़ाई का स्तर सुधर सके। इसके अलावा बच्चों की उपस्थिति भी बढ़ाएं। यह बात एसडीएम सुनील कुमार शुक्ला ले गूढ़ा स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के निरीक्षण में उपस्थित स्टाफ को दिए। उपजिलाधिकारी सुनील कुमार शुक्ला ने गूढ़ा स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय के आसपास गंदगी व जलभराव होने पर उन्होंने साफ सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। विद्यालय में पंजीकृत सौ छात्राओं में सिर्फ चवालीस छात्राएं उपस्थित मिलीं। जिस पर उपजिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की एवं उपस्थित बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने छात्राओं से कुछ सवाल भी पूछे जिनका सही उत्तर न मिलने पर उन्होंने विद्यालय में अतिरिक्त क्लासें लगाए जाने के निर्देश दिए जिससे छात्राओं के शिक्षा का स्तर सुधर सके। उपजिलाधिकारी ने छात्राओं के लिए बनाए गए भोजन में दाल, चावल, सब्जी की गुणवत्ता व मसाले व तेल को देखा तो सब ठीक मिला। वार्डेन साधना निरंजन ने बताया कि विद्यालय में लगा हैंडपंप काफी समय से खराब पड़ा है जिसको ठीक कराने के लिए वह कई बार शिकायत कर चुकी हैं। लेकिन अभी तक हैंडपंप सही नहीं हुआ है। इसी प्रकार विद्यालय के बाहर नाला पक्का न होने से जलभराव व गंदगी रहती है। जिस पर एसडीएम ने उनकी शिकायत के निस्तारण का आश्वासन दिया। इस मौके पर वार्डन साधना निरंजन, शीला देवी, किरन सिंह, वंदना, प्रीति व अंशकालिक शिक्षक आशा कुशवाहा, नम्रता मिश्रा, मंजू देवी उपस्थित मिली जबकि सहायक रसोइया नीलम व परिचायक सुरेश सिंह अनुपस्थिति मिले। पूछने पर पता चला कि वह अवकाश पर है। 

 

 कन्या सुमंगला योजना का व्यापक प्रचार प्रसार करने के दिए निर्देश
कालपी। 
तहसील सभागार में उपजिलाधिकारी भैरपाल सिंह की अध्यक्षता में सूबे के मुख्यमंत्री  द्वारा वर्ष 2019-20 से प्रारंभ कन्या सुमंगला योजना की बैठक का आयोजन किया गया जिसमें विकास खंड कदौरा एवं महेवा के प्रतिनिधि राजेंद्र कुमार गुप्ता एडीओ पीपी महेबा, उर्मिला कुशवाहा सीडीपीओ महेबा, गोमती देवी सीडीपीओ कदौरा, रामभवन सिंह आरआई नगर पालिका परिषद कालपी, अवनींद्र मिश्र एबीआरसी महेबा, कंचन सिंह एमएस महेबा तथा सरोज देवी एमएस महेबा उपस्थित रहे। बैठक में योजना का व्यापक प्रचार प्रसार किए जाने हेतु निर्देशित करते हुए उपजिलाधिकारी भैरपाल सिंह ने पात्रता के मापदंडों के बारे में विस्तृत रूप से चर्चा की। पात्र लाभार्थियों को देय लाभों के बारे में बताया गया तथा योजना से संबंधित आवेदन पत्र उपलब्ध कराकर पात्र लाभार्थियों का चयन कर योजना से आच्छादित कराए जाने हेतु निर्देशित किया गया।

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