जिम्मेदार तय करें नीति फिर कोई प्रियंका न हो भयभीत-चन्द्रमणि पाण्डेय सुदामा

जिम्मेदार तय करें नीति फिर कोई प्रियंका न हो भयभीत-चन्द्रमणि पाण्डेय सुदामा

डा.प्रियंका रेड्डी के साथ घटित अमानवीय कृत्य पुलिस के साथ साथ टोल व्यवस्था पर भी सवाल

बस्ती,हर्रैया -

जिस तरह पशु चिकित्सक डा.प्रियंका रेड्डी के साथ समाज के कुछ नरभक्षियों ने मानवता को तार तार करते हुए न केवल सहयोग के नाम पर सामूहिक दुराचार कर न केवल पशुता व क्रूरता की सारी सीमाओं को समाप्त कर दिया अपितु सारी हदों को लांघने के बाद उसे जिंदा जला दिया।

उस अकेली निरीह अबला पर क्या बीती होगी सोच सोच कर सम्पूर्ण मानव समाज आहत है दुःखी है ऐसे में आज यह देश की मांग है कि फिर कोई प्रिंयंका कोई निर्भया दानवता का शिकार न हो उसके लिए जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को ऐसी नीति बनानी चाहिए।

कि हमारे समाज की बहन बेटियों को भयभीत होकर न जीना पडे घटना के लिए राक्षसी प्रवृत्ति के लोगों के साथ साथ व्यवस्था को भी जिम्मेदार ठहराते हुए समाजसेवी चन्द्रमणि पाण्डेय सुदामाजी ने कहा कि टोल वैरियर का काम सिर्फ टैक्स लेना नहीं सुरक्षा देना भी होना चाहिए और ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि यात्रा के दौरान किसी व्यक्ति को कोई समस्या आ जाय तो उसका समाधान टोल वैरियर पर मौजूद हो जिस तरह टोल के पास डा.की गाडी पंचर होने पर उसे वहां कोई सहयोग नहीं मिला।

अपितु सहयोग के नाम पर रावण से भी बडे कामी राक्षस मिले परिजनों द्वारा सूचना देने पर पुलिस महकमे ने पेट्रोलिंग व छानबीन के बजाय ये कहकर पल्ला झाड लिया कि वो किसी के साथ कही भग गई  पूरी व्यवस्था पर सवाल खडा करता है ऐसे में न सिर्फ घटना को अंजाम देने वालों को फांसी हो अपितु टोल वैरियर हर प्रकार की सडक सुरक्षा सुनिश्चित करे व अपने कर्तव्यों से मुंह मोडने वाले पुलिस अधिकारियों को भी दण्डित किया जाय।

उन्होने कहा कि ऐसी घटना मानवता को कलंकित करने वाली है घटना का विरोध उन्होंने काला वस्त्र धारण कर किया और कहा कि अब कैंण्डिल नहीं कृपाण उठाना होगा नरभक्षियों का दमन कर उनकी चिता जलाना होगा।

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