“जिसकी लाठी उसकी भैंस।” 

“जिसकी लाठी उसकी भैंस।” 

सिवानी मण्डी ( सुरेन्द्र गिल )

मेरा जन्म सिवानी में हुआ है मैने सिवानी, हिसार कालेज मे देखा है इसलिए मैं यह बताना चाहूंगा इन दिनों छात्र संघ चुनाव को लेकर सरकार ने जो निर्णय लिया था वो पूरी तरह से गलत साबित हुआ। व लोकतंत्र की हत्या की गई थी।

क्यूंकि ऐसे काफी कॉलेजों में देखा गया है कि सीआर ही प्रधान चुनता है। मगर काफी कॉलेजों में ऐसा हुआ है कि अपनी मर्जी से सीआर चुन लिया गया है। आज छात्र संघ चुनाव प्रकिया में संघ से जुड़े लोग शामिल हैं। जिसके कारण पारदर्शी तरीके से छात्र संघ चुनाव नहीं हो पाये। इन सीआर को बनने के लिए काफी कानून और नियम बनाये गए है।

हरियाणा मे इन चुनाव प्रक्रिया में संघ और सत्ताधारी पार्टी से जुड़े प्रिंसिपल और अन्य स्टाफ होने के कारण वह अपने पसंदीदा सीआर के सारे अटैंडन्स भर देता है। उसके लिए नियमों में शिथिलता कर दी जाती है। कहीं-कहीं तो बिना वोट ही सीआर चुने जाने के मामले सामने आ रहे है। मैं चाहूंगा कि डायरेक्ट चुनाव होने चाहिए। ताकि सबका पता चल सके कौन कितने पानी मे है ।

जिससे हर छात्र सघ के विदयार्थी अपने चुनाव चिन्ह से चुनाव लड़ सकेंगे और पादर्शी तरीके से छात्र संघ चुनाव हो पाएंगे। मगर आज हरियाणा में छात्र संघ चुनाव को लेकर भाजपा पार्टी ने खेल खेला है हरियाणा की मौजूदा सरकार ने के रवैये को देखकर यही बात जहन में आती है कि “जिसकी लाठी उसकी भैंस।” - जयपाल देहडू वार्ड न0 13 सिवानी

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