ज्योतिष में मंत्र का अर्थ क्या है......?

ज्योतिष में मंत्र का अर्थ क्या है......?

ज्योतिष शास्त्र में मंत्रो का महत्त्व:

ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के माध्यम से जो फलित बताया जाता है वह जन्मांतरों में किये गए कर्मो या भाग्य का फल है।

ग्रहों के इस फल को ज्योतिष द्वारा जान लेने का लाभ यह है कि जातक भविष्य में होने वाली परेशानियों के प्रति आगाह हो जाता है। यह ठीक वैसे ही है जैसे दिसंबर या जनवरी में सर्दी पड़ ने की जानकारी होने से सर्दी को रोका नहीं जा सकता है

लेकिन बचने के उपाय किए जा सकते है। जिस तरह गर्म कपड़े व अन्य संसाधन जुटा कर सर्दी से बचा जा सकता है उसी तरह मंत्रो के जरिए ग्रहों के शुभ व अशुभ प्रभाव को कम किया जा सकता है।

ऐसे बहुत लोग हैं जिन्हें मंत्रो के जाप व अनुष्ठान के बावजूद सफलता नहीं मिलती है तो इसका अर्थ यह नहीं है कि मंत्रो की विश्वसनीयता नहीं है। ऐसे में मंत्र जप के तीन नियम जान लेना आवश्यक है।

1. एकाग्रता 2. उच्चारण 3. निरंतरता । इसका पालन करने वाले मंत्रो के जरिए ज्ञान भी अर्जित कर सकते हैं तथा समस्याओं का निवारण भी कर सकते हैं। (अम्बरीष चन्द्र मिश्रा अयोध्या ) इति शुभम

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