ब्रेनटयूमर से ग्रस्त प्रसिद्ध चिकित्सक के युवा पोत्र की मौत पर क्षेत्र में छाया शोक

ब्रेनटयूमर से ग्रस्त प्रसिद्ध चिकित्सक के युवा पोत्र की मौत पर क्षेत्र में छाया शोक

ब्रेनटयूमर से ग्रस्त प्रसिद्ध चिकित्सक के युवा पोत्र की मौत पर क्षेत्र में छाया शोक

कैराना।

नगर के प्रसिद्ध चिकित्सक एवं नीमा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के यूवा पोत्र एवं वरिष्ठ अधिवक्ता के भतीजे का ब्रेन टयूमर होनें एवं उपचार के दौरान निधन होने पर क्षेत्र में शोक छा गया  तथा शव यात्रा में सेंकडों गणमान्य नागरिकों ने  भाग लेकर आंसू भरी आंखों से अंतिम विदाई दी।

जानकारी के अनुसार नगर के प्रसिद्ध चिकित्सक एवं नीमा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ0 शिवदत्त शर्मा के पुत्र स्वर्गीय संजय शर्मा के युवा पुत्र एवं वरिष्ठ अधिवक्ता व वरिष्ठ कांग्रेसी नेता शशिकांत शर्मा के भतीजे 23 वर्षीय रिषभ शर्मा को पिछले दिनों ब्रेन टयूमर हो जाने पर  उपचार हेतु मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया,

जहां पर  चिकित्सकों  के एक जांच दल ने बराबर उनका बडी गंभीरता पूर्वक उपचार किया, लेकिन वह रिषभ को बचा नही पाये। उपचार के दौरान 23 वर्षीय रिषभ शर्मा का आकस्मिक निधन हो गया। मृतक रिषभ शर्मा एसजी आर0 आर0 मेडिकल कॉलिज का होनहार छात्र था तथा अपने साथी छात्रों एवं सीनियर गुरूजनों के बीच अपनी मिलनसारी के कारण काफी प्रसिद्ध था।

नगर के मौहल्ला बेगमपुरा स्थित डॉ0 शिवदत्त शर्मा के आवास पर रिषभ शर्मा के शव को हॉस्पिटल से लाया गया तथा  उनकी शव यात्रा यमुना नदी के तट पर पहुंची। शव यात्रा में समाज के सभी वर्गों के सेंकडों गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। तथा पवित्र यमुना नदी के तट पर स्थित शमशानघाट पर विधि विधान के साथ रिषभ शर्मा का अंतिम दाह संस्कार कर दिया गया। इस मौके पर सभी उपस्थितजनों की आंखें नम थी।

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ग्रामीणों में आरटीआई के माध्यम से मांगा विकास कार्यों का ब्यौरा

कैराना। नगलाराई के ग्रामीणों ने आरटीआई के माध्यम से मांगा विकास कार्यो का ब्योरा।

क्षेत्र के गांव नगलाराई के ग्रामीणों ने वित्तीय वर्षो में कराये गये विकास कार्यो का ब्योरा मांगा है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान व ग्राम सचिव की मिलीभगत के चलते गांव में कराये गये विकास कार्यो में भारी अनियमित्तायें बरती गयी है।

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में निर्माण करायी गये सडकों तथा नालों के निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया है,जिससे सडके बनते ही टूटने लगी है। आरोप है कि ग्राम प्रधान व सचिव की सांठगांठ के चलते सरकारी धनराशि को खुर्दबुर्द किया गया है। स्वच्छता के नाम पर निकाली गयी सरकारी धनराशि को हडपा गया है। गांव में स्थित नालियों में गंदगी अटी पडी है और दावे बडे-बडे किये जा रहे है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत बनाये गये शौचालयों का तो हाल बेहाल है,जिनकी दुर्दशा दयनीय है।

शौचालयों के नाम पर खेला गया खेल गांव में चर्चाओं का विषय बना हुआ है। सूची में दर्शाये गये कई शौचालय तो धरातल पर नजर भी नही आ रहे  है। पूरे मामले का ब्योरा तलब करने के लिये ग्रामीणों ने आरटीआई का सहारा लेकर फर्जीवाडे को बेनकाब करने का मन बनाया है।

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