कार्तिक पूर्णिमा मेले पर परियर घाट तक कैसे पहुंचेंगे श्रद्धालु

कार्तिक पूर्णिमा मेले पर परियर घाट तक कैसे पहुंचेंगे श्रद्धालु



घाटों पर गंदगी का अंबार, रास्तो पर पैदल चलना भी मुश्किल


उन्नाव

सदर तहसील में लगने वाला ऐतिहासिक कार्तिक पूर्णिमा मेला में गंगा स्नान के लिए जानेे वााले सभी श्रद्धालुओं को इस बार भी आधे-अधूरे मार्ग से गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पङेगा क्योंकि प्रशासन द्वारा कोई व्यवस्था नहीं की गई है।

आश्चर्य तो इस बात का है कि कई घटनाएं होने के बाद भी जिला प्रशासन द्वारा इस मार्ग की दुर्दशा को नजरन्दाज किया जा रहा है जबकि गंगा सफाई के लिए सरकार द्वारा करोड़ों की सरकारी धनराशि दी गयी जिसका सफेदपोश अधिकारियों द्वारा बंदरबांट किया जा रहा है। परिणामतः घाटों पर आज भी गंदगी का अंबार लगा हुआ है।


    सदर तहसील क्षेत्र के परियर घाट पर 12 नवंबर को लगने वाला ऐतिहासिक कार्तिक पूर्णिमा स्नान मंगलवार को है। गंगातट तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को कहीं पानी से होकर गुजरना होगा। कहीं खराब मार्ग बाधा बनेंगे, इसके बाद भी शासन व प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है।

एक वर्ष पूर्व में आयी बाढ़ व अवैध बालू खनन के कारण कच्चे रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए थे। शासन व प्रशासन के दबाव में खानापूर्ति के लिए प्रधान द्वारा कुछ जगहों पर दिखाने के लिए मिट्टी भर दी जाती है। गंगातट पर घाट के किनारे पहुंचने के लिए बीच में पानी से होकर गुजरना पङेगा। माना बंगला गांव के अंदर कई जगहों पर कच्चा मार्ग बाढ़ के दौरान बह गया था।

वहां पर गढ्ढे हो गए थे जबकि कार्तिक पूर्णिमा के मेले में सोमवार से ही श्रद्धालुओं का आवागमन शुरू हो जाता है। क्षेत्रों से हजारों की संख्या में लोगों का हुजूम तट पर पहुंचता है इसके बाद भी प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है जिससे क्षेत्रीय ग्रामीणों में आक्रोश पनप रहा एक वर्ष पहले गंगानदी में आयी बाढ़ से परियर-बिठूर मार्ग क्षतिग्रस्त हुआ था। सङक के दोनों किनारों पर बङे़-बङे़ गढ्ढे हो गये जिससे पटरी तो पूरी तरह झाङियां उग आयीं।

माना बंगला गांव के पूर्व तालाब के पास प्रशासन के दबाव में प्रधान द्वारा महज बालू डालकर खानापूर्ति की जाती है। बङी संख्या में भीड़ के चलते वाहन किनारे पहुंचते ही पलटने का खतरा बढ़ गया है। गंगातट के किनारे घाट तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को कठिनाइयों का सामना करना पङेगा। इस स्थिति में कोई भी बङी घटना हो सकती है। एकल मार्ग क्षतिग्रस्त होने के कारण जाम की विकराल स्थिति होगी शासन व प्रशासन आंखें बंद करके बैठा हुआ है। 

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