कैसे भाग्य बदले मकर संक्रांति पर .......

कैसे भाग्य बदले मकर संक्रांति पर .......

मकर संक्रांति -

इस साल मकर संक्रांति 14 को नहीं, 15 जनवरी को मनाई जाएगी। जब सूर्य धनु से मकर राशि में प्रवेश करता है,

तब ये त्योहार मनाया जाता है। 14 जनवरी को देर रात में सूर्य राशि बदलेगा, इस कारण अगले दिन यानी 15 जनवरी को मकर संक्रांति मनाई जाएगी। तिल, गुड़, चूड़ा-दही, खिचड़ी का त्योहार है मकर संक्रांति। मकर संक्रांति के दिन स्नान और दान की परंपरा है।

इस दिन कई जगह पितरों को जल में तिल अर्पण भी दिया जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन महाभारत में पितामह भीष्म ने सूर्य के उत्तरायण होने पर ही स्वेच्छा से शरीर का परित्याग किया था। उनका श्राद्ध संस्कार भी सूर्य की उत्तरायण गति में हुआ था।

सूर्य होगा उत्तरायण : मकर संक्रांति से सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण हो जाएगा। सूर्य के मकर राशि में आने से मलमास समाप्त होगा। जिससे मांगलिक कार्य फिर से शुरू हो जाएंगे। सूर्य जब मकर, कुंभ, मीन, मेष, वृष और मिथुन राशि में सूर्य रहता है, तब ये ग्रह उत्तरायण होता है। जब सूर्य शेष राशियों कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक और धनु राशि में रहता है, तब दक्षिणायन होता है।

इस दिन इन बातों को ध्यान रखना चाहिए :

1. संक्रांति के दिन सुबह सुबह पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए। पवित्र नदी में स्नान न कर पाएं तो घर में नहाने के पानी में गंगा जल मिलाकर स्नान कर सकते हैं।

2. स्नान करने के बाद आराध्य देव की प्रार्थना करनी चाहिए।

3. इसके बाद पितरों की आत्मा की शांति के लिए जल में तिल अर्पण करना चाहिए।

4. इस बात का ध्यान रखें कि स्नान के बाद दान का बहुत महत्व है, इसलिए स्नान के बाद तिल दान करना चाहिए।

5. इसके अलावा गर्म कपड़े, चावल, दूध दही और खिचड़ी का दान करना चाहिए।

6. इस त्योहार पर घर में तिल्ली और गुड़ के लड्डू बनाए जाने की परंपरा है। इसलिए इस दिन भोजन में भी तिल शामिल करने चाहिए।

7. तुलसी को जल चढ़ाएं और परिक्रमा करें।

8. किसी मंदिर में गुड़ और काले तिल का दान करें। भगवान को गुड़-तिल के लड्डू का भोग लगाएं और भक्तों को प्रसाद वितरित करें।

9. किसी शिव मंदिर जाएं और शिवलिंग पर काले तिल चढ़ाकर जल अर्पित करें। ऊँ सांब सदा शिवाय नम: मंत्र का जाप करें।

( पंडित अम्बरीष चन्द्र मिश्रा अयोध्या )

Support to Swatantra Prabhat Media

T & C Privacy

Loading...
Loading...

Comments