कला, साहित्य और संस्कृति के भूटान फेस्टिवल “माउंटेन इकोज” का 10वां संस्करण

कला, साहित्य और संस्कृति के भूटान फेस्टिवल “माउंटेन इकोज” का 10वां संस्करण

कला, साहित्य और संस्कृति के भूटान फेस्टिवल “माउंटेन इकोज” का 10वां संस्करण

 

माउंटेन इकोज--सियाही के सहयोग से -- इंडिया भूटान फाउंडेशन की एक पहल है

     भूटान का वार्षिक साहित्य सम्मलेन थिम्पू में 23 से 25 अगस्त 2019 को आयोजित होने जा रहा है| 22 अगस्त को शुभारम्भ होने वाले माउंटेन इकोज फेस्टिवल का यह 10वां संस्करण होगा|

-       2010 से 2018 के बीच हुए 9 सफल संस्करणों और थिम्पू में फैले 6 वैन्यू के माध्यम से माउंटेन इकोज वास्तव में वैश्विक श्रोताओं का स्वागत करता है, जहां भारतीय, अंतर्राष्ट्रीय और भूटानी समाज के हजारों पाठक आ जुटते हैं|

-       फेस्टिवल के इस संस्करण में मैनी लाइव्स मैनी स्टोरीज (अनेकों जिंदगियां, अनेकों कहानियां) थीम के माध्यम से अनेकों कहानियां बयां की जाएंगी, तीन-दिवसीय फेस्टिवल में व्यक्तिगत, व्यावसायिक, मानसिक और आध्यात्मिक सफलता के अनेकों आयामों का जश्न मनाया जायेगा|

अपने श्रोताओं को अपने वक्ताओं और अतिथियों के समान ही अहमियत देने वाला, माउंटेन इकोज फेस्टिवल विचारों और नजरियों का एक कैनवास है, जो कला के विविध आयामों के माध्यम से अपनी अभिव्यक्ति करता है: फिर वो चाहे साहित्य, दृश्य कला, फोटोग्राफी, थियेटर, फिल्म, संगीत और नृत्य ही क्यों न हो| यह फेस्टिवल इंडिया-भूटान फाउंडेशन की एक पहल है, जिसे महामहिम, शाही महारानी मदर आशी दोरजी वांगमो वांगचुक का संरक्षण प्राप्त है| साहित्य के जाने-माने सितारे नमिता गोखले, प्रमोद कुमार केजी, त्शेरिंग ताशी और कैली दोरजी इस फेस्टिवल के निदेशक हैं|

“माउंटेन इकोज के इस दसवें संस्करण में मुझे रह-रहकर भूटान, भारत और पूरी दुनिया से आये पाठकों और लेखकों से प्राप्त उन प्रेरणाओं और विचारों का ख्याल आ रहा है, जिन्होंने इतने सालों तक हमें प्रेरित किया| माउंटेन इकोज के शुरुआती दौर से जुड़कर, हिमालय और उसके आसपास के लेखन, काव्य, संगीत और ज्ञान को साझा करना वास्तव में बड़े बदलाव का एक पल रहा,” माउंटेन इकोज की संस्थापक, सह-निदेशक और प्रसिद्ध लेखिका नमिता गोखले ने कहा|

 

10वें संस्करण में, माउंटेन इकोज मैनी लाइव्स मैनी स्टोरीज (अनेकों जिंदगियां, अनेकों कहानियां) थीम के माध्यम से अनेकों कहानियां बयां करेगा, और तीन-दिवसीय इस फेस्टिवल में व्यक्तिगत, व्यवसायिक, मानसिक और आध्यात्मिक सफलता के अनेकों आयामों का जश्न मनाया जायेगा| ये कहानियां किसी मुसाफिर, किसी आध्यात्मिक गुरु की भी हो सकती हैं, और किसी महान नदी, सभ्यता और पूजनीय पर्वत की भी; उन सबमें इस उद्यम को सार्थक बनाने का तत्व होगा|

इस साल की थीम के बारे में बात करते हुए, फेस्टिवल के सह-निदेशक कैलीदोरजी (अभिनेता, कलाकार और यात्रा अनुदेशक) ने कहा, “जब माउंटेन इकोज 10 वर्ष का होने जा रहा है, तो इस साल की थीम में ‘अनेकों जिंदगियों’ को शामिल करके सांस्कृतिक गतिविधियों के अनेकों माध्यमों का प्रदर्शन किया जायेगा| इस वर्ष मैं विशेष रूप से भूटानी कलाकारों के योगदान को देखने के लिए उत्साहित हूं| महामहिम ग्याल्युम दोरजी वांगमो वांगचुक ने इस अनुपम अवधारणा की शुरुआत रहस्यमयी भूटान को और गहराई से समझने के लिए की थी और इस वर्ष मैं विशेष रूप से फिल्म निर्माण और थियेटर के बढ़तीपहचान को देखने की उम्मीद कर रहा हूं|”

 

जेपी ग्रुप की प्रस्तुति, यह तीन-दिवसीय फेस्टिवल इंडिया-भूटान फाउंडेशन की पहल है| फेस्टिवल की निर्माता है जयपुर की साहित्यिक एजेंसी, स्याही, जिसकी प्रमुख हैं मीता कपूर| यह फेस्टिवल दुनिया भर के साहित्यिक सितारों को हिमालय की गोद में एकत्र करता है|

फेस्टिवल अपने कार्यक्रम के तहत ऐसा मंच तैयार करने की कोशिश करता है, जहां पर भारत और भूटान के साथ ही विविध देशों जैसे अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, फ़्रांस, यूनाइटेड किंगडम, चेकोस्लोवाकिया, बांग्लादेश और नेपाल से आये वक्ता प्रासंगिक विषयों पर चर्चा कर सकें|

 

इस साल, फेस्टिवल दुनियाभर के लगभग 80 लेखकों, चिंतकों, पत्रकारों, अकादमिक सदस्यों और सांस्कृतिक हस्तियों का स्वागत करेगा| 

 

इस साल फेस्टिवल में शामिल होने वाले अन्तर्राष्ट्रीय वक्ताओं में होंग कोंग में रहने वाली फिलिपीनी डाक्यूमेंट्री फोटोग्राफरज़ियाज़ा बकानी; नेशनल गैलरी, लंदन के निदेशक (1987-2002) और ब्रिटिश म्यूजियम के निदेशक (2002-2015)नील मैकग्रेगर; और ऑस्ट्रेलियाई डिजिटल रॉकस्टार, टोबी वाल्श शामिल हैं, जो यूनिवर्सिटी ऑफ़ न्यू साउथ वेल्स में आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस के प्रोफेसर हैं|

फेस्टिवल में भारतीय वक्ता भी हिस्सा लेंगे, जिनमें रूट इंस्टिट्यूट फॉर विजडम कल्चर के संस्थापक व निदेशक और 2002 से महंत बन चुके आदरणीय कबीर सक्सेना; अदाकारा भूमि पेड्नेकर; भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार संजीव सान्याल; और कामयाब यात्रा संस्मरण द शूटिंग स्टार के लेखक शिव्य नाथ शामिल हैं|  

 

विविध क्षेत्रों से आई भूटान की प्रसिद्ध हस्तियां जैसे ऑर्गेनिक खाद्य उद्योग, चुनिडिंग फ़ूड के संस्थापक लेफ्टिनेंट कर्नल केसांग चोडेन (सेवा निवृत);एक महंत और तागो डोर्दें ताशिथांग बुद्ध यूनिवर्सिटी में संस्कृत के प्राध्यापकखेन्पो कारचुंग; कॉलेज ऑफ़ लैंग्वेज एंड कल्चर स्टडीज के अध्यक्ष, और रॉयल यूनिवर्सिटी ऑफ़ भूटान के प्रो-वाईस चांसलर लोपेनलुंगतेन ग्यात्सो; लेखिका चादोर वांगमो और तकनीकी उद्यमी, वित्त और आर्थिक लेखिका, मार्केटिंग रणनीतिकार, फोर्ब्स पत्रिका की तीस वर्ष से कम उद्यमियों की लिस्ट में स्थान ग्रहण करने वाली सोनम पेलडेन भी दूसरे कई महत्वपूर्ण वक्ताओं के साथ शामिल हैं|

 

भूटान के विस्मयकारी स्थानीय निवासियों और समृद्ध सांस्कृतिक परम्परा से युक्त माउंटेन इकोज अपने मेहमानों के लिए भूटानी संस्कृति को करीब से समझने का अवसर प्रदान करता है|

 

“माउंटेन इकोज ऐसा अद्भुत ब्रांड हैं जिस पर हम संयुक्त रूप से गर्व कर सकते हैं, और जिसके लिए मैं सियाही को शुभकामनाएं देती हूं| अपने 10वें संस्करण में यह और भी विस्तृत और बेहतर रूप में प्रस्तुत हो रहा है, और इसे हम दो देशों की उल्लेखनीय मित्रता के रूप में देख रहे हैं,”–हर एक्सेलेंसी रुचिरा कम्बोज, भूटान में भारत की एम्बेसडर|

 

सहायक कार्यक्रम:

 

●     द पारो पॉप-अप: माउंटेन इकोज के 10वें साल का जश्न शनिवार, 17 अगस्त को NAB Bistro पारो में, पूरे दिन के प्रोग्राम के साथ मनाया जायेगा| फेस्टिवल की थीम अनेकों जिंदगियां, अनेकों कहानियां पर फोकस करते हुए, इस कार्यक्रम में हम भूटानी परिदृश्य के 3 महत्वपूर्ण पहलुओं को दर्शाएंगे – आधुनिक भूटानी संगीत, भूटानी खान-पान पर एक नजर और आधुनिक भूटानी जीवनशैली और सांस्कृतिक उत्पादों की प्रचुरता| 

●     थिम्पू के सिटी सिनेमा में फिल्म स्क्रीनिंग:पावो चोयिंग दोरजी की नई फिल्म, लुनाना: ए याक इन द क्लासरूम; अरुण भट्टराय की रचनातमक डाक्यूमेंट्री फिल्म, द नेक्स्ट गार्जियन; ज़ुकी जूनो तोबग्ये की सर्चिंग फॉर वाइव्स का प्रीमियर|

●     क्लॉक टावर पर म्यूजिक कॉन्सर्ट, जिसमें भूटान व भारत के रैपर और रॉक बैंड हिस्सा लेंगे|

●     GOKAB की नृत्य प्रस्तुति: 2015 में युवाओं द्वारा शुरू की गई एक पहल, वे युवाओं से जुड़े मुद्दों पर काम करते हुए, उनकी प्रतिभा, ऊर्जा और सकारात्मक पहलुओं को उभारने पर ध्यान देते हैं|

●     चलते-चलते: मोजो पार्क में एक ओपन माइक नाईट| कविता, संगीत और स्टैंड-अप कॉमेडी के लिए खुला एक मंच|

●     जादूगर करण सिंह की एक प्रस्तुति|

●     खंडरो येशे त्शोग्यल – वास्तविक सम्पदा: गुरु पद्मसंभव की पत्नी, बौद्ध देवी पर चारमी छेड़ा की प्रस्तुति| 

 

सूचीकृत वर्णन

 

माउंटेन इकोजजेपी ग्रुप की प्रस्तुति कला, साहित्य और संस्कृति का भूटान फेस्टिवल, माउंटेन इकोज--सियाही के सहयोग से -- इंडिया भूटान फाउंडेशन की एक पहल है|

-       तिथि: 23-25 अगस्त, 2019

-       स्थल: रॉयल यूनिवर्सिटी ऑफ़ भूटान, होटल ताज ताशी, सिटी सिनेमा, क्लॉक टावर और मोजो पार्क

 

सोशल मीडिया पर संपर्क के लिए

फेसबुक, ट्विटर और इन्स्टाग्राम: @mountainechoes #MountainEchoes

 

कार्यक्रम की पूरी जानकारी जल्द ही जारी की जाएगी| वक्ताओं के विषय में अधिक जानकारी और अपनी टिकट बुक कराने के लिए हमारी वेबसाइट देखें: www.mountainechoes.org

 

मीडिया के लिए टिप्पणी

 

माउंटेन इकोज के बारे में

 

साहित्य और संस्कृति का भूटान फेस्टिवल, माउंटेन इकोज इंडिया भूटान फाउंडेशन की, सियाही के सहयोग से एक पहल है| यह फेस्टिवल जेपी ग्रुप की प्रस्तुति है|

कला, साहित्य और संस्कृति के भूटान फेस्टिवल “माउंटेन इकोज” का 10वां संस्करण थिम्पू, भूटान में 23 से 25 अगस्त 2019 को आयोजित होने जा रहा है, जिसका शुभारम्भ 22 अगस्त को होगा| बहुत से लेखक, जीवनीकार, इतिहासकार, पर्यावरणविद, विद्वान्, फोटोग्राफर, कवि, संगीतकार, कलाकार, फिल्म-निर्माता एकत्र होकर पहाड़ों के इस तीन-दिवसीय मनोरम फेस्टिवल में अपनी कहानियां साझा करेंगे|

माउंटेन इकोज फेस्टिवल को महामहिम, शाही महारानी मदर आशी दोरजी वांगमो वांगचुक का संरक्षण प्राप्त है|

सियाही के बारे में

सालों तक अपने लेखक मित्रों की अपने ईमानदार फीडबैक से मदद करने के बाद, सीईओ मीता कपूर ने नई आवाजों को सामने लाने के लिए, अप्रैल 2007 में सियाही की स्थापना की|भारत की पहली लिटरेरी एजेंसी होने के साथ ही सियाही प्रकाशन जगत की सबसे विश्वसनीय एजेंसी बनकर उभरी|

दमदार कहानीकारों की तलाश में जुटी सियाही एकदम शुरू से कार्य करते हुए लेखकों के अधिकार, उनकी पाण्डुलिपि का संपादन, उनके लिए सही प्रकाशक की तलाश और किताब छपने के बाद उसके प्रचार तक से जुड़ी रहती है| सियाही साहित्यिक कार्यक्रम भी आयोजित कराती है, जिसमें विशेष श्रोताओं के सम्मुख किताब पढ़ने से लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले लिटरेरी फेस्टिवल भी शामिल हैं|

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