हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी हत्याकांड के दोनों हत्यारे हुए गिरफ्तार

हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी हत्याकांड के दोनों हत्यारे हुए गिरफ्तार


 गुजरात एटीएस ने अशफाक और मोइनुद्दीन को सूरत से किया गिरफ्तार

हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी हत्याकांड के दोनों हत्यारे हुए गिरफ्तार

 गुजरात एटीएस ने अशफाक और मोइनुद्दीन को सूरत से किया गिरफ्तार

लखनऊ /उत्तर प्रदेश के लखनऊ हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी हत्याकांड के दोनों मुख्य आरोपी पुलिस के गिरफ्त में आ गये हैं। पूरे देश और हिंदू संगठनों के द्वारा लगातार पिछले 5 दिनों से एक ही मांग उठ रही थी कि कमलेश तिवारी के हत्यारों को जल्द से जल्द किया जाए गिरफ्तार. गुजरात एटीएस ने इन दोनों हत्यारों को सूरत से गिरफ्तार किया है

अशफाक और मोइनुद्दान का पुलिस लगातार पीछा कर रही थी हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। दोनों हत्यारे गिरफ्तार कर लिये गये हैं, गुजरात एटीएस ने अशफाक और मोइनुद्दीन को सूरत से गिरफ्तार किया है। दोनों हत्यारे गुजरात से राजस्थान भागने की फिराक में थे।

यूपी पुलिस ने कमलेश तिवारी हत्याकांड में शामिल इन दोनों की गिरफ्तारी के लिये 10 जांच टीमें बनाई थी और इनाम भी घोषित किया था। इससे पहले इन दोनों हत्यारों को शाहजहांपुर में भी देखा गया था दोनों की तस्वीरें सीसीटीवी में कैद भी हुई थीं लेकिन पुलिस को कई जगहों पर इन्होंने चकमा देते हुए गुजरात पहुंच चुके थे

जहां से यह राजस्थान जाने की फिराक में थे उसी समय गुजरात एसटीएस ने इन्हें गिरफ्तार किया. कमलेश तिवारी हत्याकांड में फरार दोनों आरोपियों को गुजरात एटीएस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों के नाम अशफाक और मोइनुद्दीन हैं. गुजरात राजस्थान बॉर्डर पर श्यामलाजी के पास से इन्हें गिरफ्तार किया गया है.

हत्यारों ने कबूला अपना गुनाह

दोनों हत्यारों ने हत्या करने की बात कुबूल कर ली है हत्या आरोपियों का कहना है कि उन्होंने इस वारदात को कमलेश तिवारी के मुहम्मद पैगम्बर को लेकर दिए गए बयान के बाद किया है.इससे पहले एजेंसियों के साथ काम कर रहे स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने इसी मामले में एक इनोवा कार जब्त की थी. कमलेश के कातिलों ने लखीमपुर में पलिया से शाहजहांपुर तक जाने के लिए इसे बुक किया था. कार के ड्राइवर को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया गया है.

सूत्रों के अनुसार, ड्राइवर ने खुलासा किया है कि कार को उसके मालिक के एक रिश्तेदार ने गुजरात से 5,000 रुपये में बुक किया था. माना गया है कि कातिल इसी कार से लखीमपुर से शाहजहांपुर गए, जहां सोमवार को एक सीसीटीवी कैमरे में उन्हें बस स्टेशन की तरफ पैदल जाते हुए देखा गया था.

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपियों की गिरफ्तारी से पहले एसआईटी ने सोमवार को दोनों की तलाश में कई होटलों, लॉज और मदरसों में छापेमारी की, लेकिन उन्हें नहीं पकड़ सकी. हिंदूवादी नेता तिवारी की हत्या 18 अक्टूबर को लखनऊ में की गई थी


हालांकि, सभी आने-जाने वाले मार्गो पर अलर्ट जारी कर दिया गया था. दोनों कातिलों पर अलग-अलग 2.5 लाख रुपये का इनाम घोषित करने के अलावा पुलिस ने दोनों के स्केच भी जारी कर दिए थे.

वैसे तो हिंदूवादी संगठनों ने कमलेश तिवारी के हत्यारों को फांसी की सजा के लिए कई जिलों में ज्ञापन राष्ट्रपति के नाम सौंपा था अब देखना यह होगा कि क्या देश और प्रदेश की सरकार और यहां की कानून व्यवस्था इन हत्यारों पर क्या कार्रवाई करती है

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