कान्हा

कान्हा

लेखक मान सिंह नेगी 

कान्हा के रंग मे, रंग गए हम तो

कान्हा के रंग मे, रंग गए हम तो 

राधा भी रंग गई कान्हा के रंग मे 

बोलो जन्माष्टमी मुबारक हो आप सबको 

ये दिन आए बहार बनके

खुब खाएंगे लड्डू मिठाई 

कान्हा का प्रसाद समझ के

माखन भी तेरा, जन्मदिन भी तेरा 

दिन भी तेरा रात भी तेरी 

आ हमारे मन मंदिर मे आ 

ये शरीर भी तेरा 

हे मेरे लल्ला कृष्ण 

जीवन मे ये दिन 

आए हम सबके लिए बधाई लेके

कान्हा के जन्म पर खुशियों की बरात लेके 

कान्हा के रंग मे, रंग गए हम तो 

कान्हा के रंग मे, रंग गए हम तो

ये दिन , शुभ दिन बाराम्बार आए 

हम सबके जीवन मे बहार लेके 

आज बच्चे खुश, पत्नी खुश है

माँ खुश, पिता खुश है 

नाना खुश, नानी खुश 

मामा खुश, मामी खुश 

सब खुश है 

बोलो जन्माष्टमी मुबारक हो आप सबको 

इतिश्री 

 

 

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