आँगनवाड़ी कार्यकर्ता को फायलेरिया से दो-दो हाथ करने के लिए दिया गया प्रशिक्षण 

आँगनवाड़ी कार्यकर्ता को फायलेरिया से दो-दो हाथ करने के लिए दिया गया प्रशिक्षण 

आँगनवाड़ी कार्यकर्ता को फायलेरिया से दो-दो हाथ करने के लिए दिया गया प्रशिक्षण 


फाइलेरिया के समूल नाश के लिए दिलायी गयी शपथ 
जनपद में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान 25 नवंबर से 

संवाददाता- नरेश गुप्ता


कानपुर  15 नवम्बर 2019 |

फाइलेरिया रोग पर नियंत्रण करने के उद्देश्य से  स्वास्थ्य  विभाग द्वारा जनपद में 25 नवम्बर से 10 दिसम्बर तक फाइलेरिया निरोधी विशेष अभियान चलाया जायेगा, इसी क्रम में शुक्रवार को आँगनवाड़ी केंद्र, पनकी रोड. कल्याणपुर  में आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को फायलेरिया से दो-दो हाथ करने के लिए प्रशिक्षण दिया गया |

भारत सरकार के द्वारा देश को फाइलेरिया से मुक्त बनाने का लक्ष्य 2020 निर्धारित हैं। इसलिए  जनपद में फाइलेरिया की स्थिति को पता करने के लिए आशा बहुओं द्वारा घर-घर जाकर फायलेरिया रोगियों को चिन्हित  किया जा रहा है |

जिससे ऐसे लोगों को उचित उपचार दिया जा सके, साथ ही अभियान के दौरान टीमें घर-घर जाकर फाइलेरिया रोग से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करेंगी और इस रोग से बचने के लिए दवा खिलाई जाएगी | यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डॉ अशोक शुक्ल ने दी |

संचारी रोग नियंत्रण के नोडल एसीएमओ डॉ आरएन सिंह ने बताया फाइलेरिया रोग में अक्सर  हाथ या पैर बहुत ही ज़्यादा सूज जाते हैं। इसलिए इस रोग को हाथी पांव भी कहते हैं। जिला मलेरिया अधिकारी अरुण कुमार सिंह  ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, एमपीडब्ल्यू, एएनएम, आशा एवं स्वयंसेवी कार्यकर्ताओं के माध्यम से दवा खिलाने का कार्य घर-घर जाकर किया जायेगा ।

इसके पश्चात् भी जो व्यक्ति दवा सेवन से वंचित रह जायेंगे, वह अपने पास के उप स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक  स्वास्थ्य केन्द्र और जिला अस्पताल, मलेरिया कार्यालय से दवा प्राप्त कर सेवन कर सकते हैं।

प्रोजेक्ट कंसर्न इंटर नेशनल से सोशल मोबिलाइजेशन कोआर्डिनेटर अनिल कुमार यादव ने प्रशिक्षण के दौरान आशा बहुओं को बताया कि फाइलेरिया मच्छर अधिकतर गंदगी में पनपते हैं। संक्रमित व्यक्ति को काटकर यह मच्छर संक्रमित हो जाते हैं। इसके बाद यही संक्रमित मच्छर स्वस्थ व्यक्ति को काटकर संक्रमित कर देते हैं। इससे संक्रमित व्यक्तियों को हाथी पाँव व हाइड्रोसिल का खतरा बढ़ जाता है। इसके लिए सबसे ज्यादाजरुरी है कि घर और आस-पास मच्छरों को पनपने न दें, साफ़-सफाई रखें  सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें, ताकि इस बीमारी की चपेट में आने से बच सकें।

इस दौरान आँगनवाड़ी कार्यकर्ता को फाइलेरिया के समूल नाश के लिए शपथ भी दिलायी | इस दौरान सुपरवाइजर मोनिका मिश्रा मौजूद रही।

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