सुपोषित माँ से ही होगी सुपोषित शिशु की संरचना

सुपोषित माँ से ही होगी सुपोषित शिशु की संरचना

सुपोषित माँ से ही होगी सुपोषित शिशु की संरचना

ममता दिवस और बाल सुपोषण उत्सव मनाया गया 
घर से बना पौष्टिक भोजन बच्चों को खिलाया 
कुपोषण को दूर भगाने की दिलाई शपथ 

जिला संवाददाता नरेश गुप्ता

कानपुर  16 सितम्बर 2019 

कुपोषण की रोकथाम के लिए पोषण माह मनाया जा रहा है ।इसी क्रम में सोमवार को शहर द्वितीय परियोजना के आंगनबाड़ी केंद्र राजा का पुरवा पर ममता दिवस के साथ बाल सुपोषण उत्सव भी मनाया गया। कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं व किशोरियों को फल, मिष्ठान के साथ पुष्टाहार प्रदान किया। माताएं घर से बनाकर तरह तरह के भोजन केंद्र पर लायीं और बच्चों द्वारा सामूहिक भोज किया गया। इस अवसर पर मौजूद महिलाओं और किशोरियों को बाल विकास परियोजना अधिकारी अनामिका सिंह द्वारा कुपोषण को दूर भगाने की शपथ दिलाई गयी। 

सुपरवाइजर मिथिलेश सिंह ने महिलाओं को उचित खानपान की सलाह दी तथा महिलाओं को बीमारी से बचने के उपाय बताए, साथ ही दैनिक जीवन में स्वच्छता एवं गर्भवती महिलाओं को प्रसव के पूर्व की तैयारी और प्रसव पश्चात की तैयारी के विषय में लाभार्थियों को जानकारी दी। इसके अलावा उन्होंने संस्थागत और सुरक्षित प्रसव के विषय में भी बताया। आँगनवाड़ी कार्यकर्ता पुष्पा सिंह ने महिलाओं को बताया कि जन्म से लेकर 6 माह तक शिशुओं को सिर्फ स्तनपान कराएं और अन्य किसी भी प्रकार के तरल पदार्थ न देने के लिए परार्मश दिया। 

जिला कार्यक्रम अधिकारी ज़फर खान ने बताया कि माह सितंबर को राष्ट्रीय पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है। जिले को कुपोषण मुक्त करने के लिए पंचायती राज, ग्राम्य विकास, पूर्ति विभाग, बाल विकास विभाग, बेसिक शिक्षा व माध्यमिक शिक्षा कार्यक्रम के तहत पूरे माह मिलकर सहयोग कर रहे हैं।

आंगनबाड़ी केंद्र पर मिलने वाले पौष्टिक आहार के बारे में पूछे जाने पर लाभार्थी अलका, खुशबू, सविता, रजनी ने बताया कि पुष्टाहार से गर्भवती महिलाओं और उनके गर्भ में पल रहें बच्चों को पोषक तत्व प्रदान किया जा सकता हैं। उनको कुपोषण से बचाया जा सकता है। संतुलित खानपान और पोषाहार से बच्चों के शारीरिक एवं बौद्धिक क्षमता का विकास होता है।

कार्यक्रम में क्षेत्र की महिलाओं, बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आदि की सहभागिता रही।

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