सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिंधनू में मानसिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिंधनू में मानसिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिंधनू में मानसिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित


मानसिक रोगों से बचना है तो जीवन से प्रेम करें – डॉ. महेश


शिविर में 286 लोगो का हुआ परीक्षण, 36 मनोरोग से ग्रसित

संवाददाता - नरेश गुप्ता

कानपुर 10 दिसम्बर 2019 

राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिंधनू में  मानसिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें लोगों को मानसिक रोगों के लक्षणों और इनसे बचाव के बारे में जानकारी दी गयी। 286 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया जिसमें लगभग 36 लोग मनोरोग के लक्षणों से ग्रसित मिले।

कार्यक्रम का आयोजन मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. महेश कुमार की अध्यक्षता में कराया गया व इसका उद्घाटन डॉ महेश ने किया गया। उन्होंने कहा कि लोगों को मानसिक रोगों के प्रति अधिक जागरुक होने की आवश्यकता है। मनोरोग का सबसे आम रूप अवसाद है, जिससे अधिकतर लोग पीड़ित हैं। इसी कारण आत्महत्या की प्रवत्ति और घटनाओं में भी बढ़ावा देखने को मिल रहा है। 

मनोरोग विशेषज्ञ डॉ चिरंजीवी ने किशोर आत्महत्या पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि "मानसिक रोग के लक्षण, हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। ये इस बात पर निर्भर करते हैं कि उसे कौन-सी मानसिक बीमारी है। मानसिक रोग किसी को भी हो सकता है, फिर चाहे वह आदमी हो या औरत, जवान हो या बुज़ुर्ग, पढ़ा-लिखा हो या अनपढ़, या चाहे वह किसी भी संस्कृति, जाति, धर्म, या तबके का हो।"

शिविर में मनोरोग विशेषज्ञ डॉ चिरंजीवी, डॉ व डॉ सुधांशु गुप्ता ने इन लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण व उपचार किया और डॉ अरविन्द ने उनकी काउन्सलिंग की। मानसिक रोगों से बचने के लिए जीवन-शैली में सुधार लाने और योग को अपनाने की सलाह दी। सीएचसी बिंधनू के प्रभारी चिकित्सक डॉ. एसपी यादव ने शिविर के आयोजन के लिए मानसिक स्वास्थ्य टीम का आभार व्यक्त किया। शिविर में डॉ गौरव, ज्योति, प्रिय वर्मा सहित अन्य स्टाफ मौजूद रहा। 

मानसिक रोगों की जागरूकता के लिए प्रचार-प्रसार पर ज़ोर

नोडल अधिकारी डॉ. महेश कुमार ने जानकारी दी कि मानसिक रोगों के बारे में लोगों को जागरुक करने के लिए इस तरह के वृहद शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। बताया कि जनपद में अप्रैल 2019 से अभी तक कुल 1333 नए मानसिक रोगी चिन्हित किये गए हैं। साथ ही 2054 पुराने मरीज़ों का फ़ॉलोअप किया जा रहा है। शिविर से पहले गाँव-गाँव जाकर प्रचार-प्रसार किया जाता है जिससे बड़ी संख्या में लोग इन शिविरों का लाभ ले सकें। उन्होंने बताया कि मानसिक रोगों से दूर रहने का मूल मन्त्र है कि हम जीवन से प्रेम करें। परिवार के सदस्यों में बात-चीत होती रहनी चाहिए और अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों के साथ वक्त ज़रूर बिताएँ।

कहां मिलता है निशुल्क इलाज

मनोचिकित्सक डॉ. चिरंजीवी ने बताया कि जिला पुरुष अस्पताल में मौजूद मन कक्ष में मानसिक रोगों के प्रति जागरुक किया जाता है और साथ ही स्वास्थ्य परीक्षण कर उपचार और काउन्सलिंग की जाती है। पीएचसी/ सीएचसी पर भी मानसिक स्वास्थ्य विभाग की टीम गाँवों में जाकर स्वास्थ्य परीक्षण और लोगों को जागरुक करती है।

गंभीर रोगियों को जिला अस्पताल के लिए रेफर किया जाता है।  मानसिक रोग हेल्प लाइन का टोल फ्री नंबर 7379374919 पर कॉल की जा सकती है। टोल फ्री नंबर पर ओपीडी समय पर कॉल किया जा सकता है। मानसिक रूप से परेशान लोग कॉल कर अपनी समस्याओं का समाधान पा सकते हैं।

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