करीब आधा दर्जन फर्जी शिक्षकों के खिलाफ हो रही है जाँच जल्द होगी कार्यवाही।

करीब आधा दर्जन फर्जी शिक्षकों के खिलाफ हो रही है जाँच जल्द होगी कार्यवाही।

रिपोर्ट-रागिनी दुबे

बाराबंकी।

पूरे जनपद में पिछले करीब एक साल से नए हाकिम के आने के बाद जहाँ एमडीएम घोटालो और फर्जी डिग्री के सहारे बेसिक शिक्षा विभाग दागदार करने वाले शिक्षको के विरुद्ध कार्यवाही हो रही है ।

तो बीते करीब 6 महीने से फर्जी प्रमाण पत्र के जरिए नौकरी हथियाने के बाद जांच में एक के बाद एक फर्जी शिक्षकों की कलई खुल रही है जिसमें कई शिक्षकों द्वारा फर्जी प्रमाण पत्रों के जरिए नौकरी हथिया ली गई थी। कुछ फर्जी ऐसे शिक्षक निकले हैं।

जिन्होंने दूसरे के दस्तावेजों के जरिए नौकरी हथियाने के बाद कई सालों तक दूसरे के नाम पर नौकरी करते रहें है जिसमे से कुशीनगर के एक खण्ड शिक्षा अधिकारी भी शामिल है जिनकी डिग्री के बल पर किसी और के द्वारा नौकरी करीब 10 साल के की जा रही थी।

नए अधिकारी ने अपने पुराने पुलिसिया तेवर का इस्तेमाल करके मामले की जड़ तक जाकर एक के बाद एक फर्जी शिक्षक ढूंढ के निकाल लिए जो वर्षो से दबे थे।


शिक्षा विभाग के सूत्रों की मानें तो ऐसे तत्वों के खिलाफ शिक्षा विभाग ने कार्रवाई कर दी है और खास करके मुकदमा दर्ज करने का आदेश भी दिया है

तो वही एक अनोखा मामला जाहिर हुआ जिसमें हैदरगढ़ के गेरावा स्कूल में तैनात रहे जय कृष्ण दुबे के नाम से नौकरी करने वाले शिक्षक का नाम सुर्खियों में है जिनमें से जहां पिता गिरजेश दत्त त्रिपाठी द्वारा दूसरे किसी शख्श जय कृष्ण दुबे के नाम के दस्तावेजों के सहारे नौकरी पा ली गई और दस्तावेजों में हेराफेरी करके अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के जरिए हैदरगढ़ के गेरावा गांव में नियुक्ति पाने के बाद मामला तब और बड़ा दिलचस्प हो गया जब स्कूल ना

आने को लेकर जांच के बाद फर्जी शिक्षक को सस्पेंड कर दिया गया। इसके बाद सूत्रों की मानें तो फर्जी शिक्षक के बहाली को लेकर के जांच अधिकारी द्वारा जब जांच की गई तो कुछ सूत्रों ने जांच अधिकारी को शिक्षक के फर्जी होने की जानकारी दी

जिसके के बाद जांच अधिकारी ने जब अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के पहले जिस जिले में कार्यरत रहे उस जिले के दस्तावेजों को खंगालना शुरू किया तो धीरे-धीरे शिक्षक की पोल पट्टी खुलने लगी और पता चला शिक्षक तो फर्जी तरीके से किसी दूसरे शख्श जय कृष्ण दुबे के डिग्री और दूसरे के दस्तावेजों के सहारे पर सालों से नौकरी कर रहा था तो फिर इसके बाद लगातार कई सालों से विद्यालय से अनुपस्थित चल रहे

दो शिक्षकों अनिल कुमार प्राथमिक विद्यालय मुस्तफाबाद और रविशंकर त्रिपाठी प्राथमिक विद्यालय पूरे चौबे को पहले भी विद्यालय ना आने को लेकर के बर्खास्तगी की नोटिस दी गई थी जिस पर इनके द्वारा अपना गैरहाजिर होने के पक्ष रखने के बाद फिर नियुक्ति दे दी गई और कुछ दिन के बाद फिर से अनुपस्थित रहने पर अनिल कुमार और रवि शंकर को बर्खास्तगी की नोटिस पकड़ा दी गईं।

अनिल द्वारा बर्खास्तगी के नोटिस मिलने के बाद अपना बीएसए के सामने रखने का मौका दिया गया तो वही रविशंकर त्रिपाठी की जांच की गई अब पता चला की रवि शंकर त्रिपाठी का असली नाम तो आदित्य त्रिपाठी है और किसी दूसरे शख्स रविशंकर त्रिपाठी के दस्तावेजों के जरिए करीब 10 सालों से नौकरी करके सरकार को करोड़ों का चूना लगा रहे और कहानी में तब रोचकता आई जब पता चला कि गेरावा के जय कृष्ण दुबे के नाम से नौकरी पाने शख्श और पूरे चौबे के रवि शंकर त्रिपाठी के नाम से नौकरी पाने

वाले दोनों फर्जी शिक्षक है और दोनों के बीच पिता पुत्र का संबंध है। इन दोनों के द्वारा पूर्व में विभाग द्वारा आधार कार्ड मांगे जाने पर भी आनाकानी की जाती रही लेकिन दबाव पड़ने पर फर्जी आधार कार्ड देकर विभाग को अंधेरे में रखा। शिक्षको के बीच चर्चा रही कि कभी भी दोनों ने इस बात को जाहिर नही होने दिया और न ही सार्वजनिक रूप से कभी दोनों एक दूसरे से मिलते थे। एक और मामले में गुलामबाद में सालों से नौकरी करने वाले फर्जी

शिक्षक जो सुरेन्द्रनाथ के नाम से नौकरी कर रहा था उसने तो हद ही कर दी और कुशीनगर में तैनात खण्ड शिक्षा अधिकारी के दस्तावेजों के जरिये करीब 10 सालों से नौकरी करता रहा। इसी फेहरिस्त में हैदर गढ़ ब्लॉक के करीब 5 शिक्षक और पाए गए जिन्होंने फर्जी तरीके से डिग्री हासिल करके नौकरी हथिया ली और करीब 10 सालों से सरकारी धन को लूट रहे थे

लोगों की शिक्षा महकमे में लोगों की जुबान पर एक ही नाम है जिसमें की पिता-पुत्र द्वारा किसी दूसरे शख्स के दस्तावेजों के सहारे नौकरी हथिया कर सालों तक नौकरी करने का मामला लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है जिसमें कि प्रशासन की नाक के नीचे और दस्तावेजों के सत्यापन की लंबी प्रक्रिया के बाद आखिर कैसे नौकरी करता रहा तो वही खंड शिक्षा अधिकारी के दस्तावेजों के सहारे नौकरी करने का मामला है।

बीएसए बाराबंकी बी पी सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में है जांच के बाद इस बात की पुष्टि हुई है दोनों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया जिसके बाद जांच एसटीएफ को मिली तो शिकंजा कसते हुए पिता पुत्र गिरजेश दत्त त्रिपाठी और रवि शंकर त्रिपाठी को गिरफ्तार किया। दोनों ही भाजपा नेताओं से नजदीकी और आएएसएस से नजदीकी बताकर रौब गालिब करते रहे।

एसटीएफ ने पाया की पिता पुत्र रैकेट चलाकर बड़े पैमाने पर नौकरी दिलाने का काम करते थे। एसटीएफ ने इनके घर से कुछ दस्तावेज भी बरामद किए है।

एसटीएफ ने मुकदमा दर्ज करके दोनों को कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया है जहां से दोनों को जेल भेज दिया जाएगा।

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