देश का भविष्य कहे जाने वाले बच्चों का बचपन सुरक्षित करना

देश का भविष्य कहे जाने वाले बच्चों का बचपन सुरक्षित करना

करनाल 7 नवम्बर, देश का भविष्य कहे जाने वाले बच्चों का बचपन सुरक्षित करना हम सब का कत्र्तव्य है। बच्चों का बचपन जितना अधिक सुरक्षित होगा हमारा देश उतना ही अधिक मजबूत होगा। इसी दिशा में कार्य करते हुए जिला बाल कल्याण कमेटी के चेयरमैन उमेश चानना और कमेटी के अन्य सदस्य बच्चों को सुरक्षित वातावरण देने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं।

उनका ऐसा ही एक प्रयास वीरवार को महिला आश्रम स्थित जिला बाल कल्याण कमेटी के कार्यालय से देखने को मिला, जब उन्होंने अर्जुन गेट वाल्मीकी बस्ती करनाल की रहने वाली 8 साल की नैना को उसके परिजनों से मिलवाया। ऐसा प्रयास जिला बाल कल्याण कमेटी ने पहली बार नहीं किया, इससे पहले भी कमेटी द्वारा लगभग दो दर्जन से अधिक लापता बच्चों को उनके परिवार वालों से मिलाया जा चुका है।

नैना गत 21 अक्तूबर को करनाल से गुम हो गई थी, जिसका काफी ढूंढने के बाद भी पता नहीं चल पा रहा था। यह बच्ची गुम होने के लगभग दो दिन बाद अम्बाला रेलवे स्टेशन पर पुलिस स्टाफ को मिली। इसके बाद बच्ची को पंचकूला के चाईल्ड केयर इंस्टीटयूट में भिजवा दिया गया।

साथ ही इसके परिजनों के बारे में पता लगाने के प्रयास तेज हुए। नैना परिवार के बारे में कुछ बता नहीं पा रही थी, इस कारण बच्ची को ढूंढने में काफी समय लगा। क्राईम ब्रांच पंचकूला ने करनाल पुलिस से सम्पर्क किया

तो करनाल से हाल ही में गुम हुए बच्चों के डाटा से मिलान करते हुए अर्जुन गेट के रहने वाली नैना की मां रेखा से सम्पर्क किया और जिला बाल कल्याण कमेटी के प्रयासों से नैना को करनाल लाया गया और नैना को मां रेखा के सुपुर्द किया गया। इस मौके पर सदस्य चंद्र प्रकाश, डा. पूनम, डा. किरण व पीएलबी सुमन उपस्थित रही।

चेयरमैन उमेश चानना ने आमजन से अपील की है कि बच्चों के प्रति घटने वाले किसी भी प्रकार के अपराध व लापता बच्चे की सूचना चाईल्ड हैल्प लाईन नम्बर 1098 पर पहुंचाना सुनिश्चित करें ताकि पीडि़त बच्चों की समय पर मदद की जा  सके।

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