चुनाव की घोषणा के बाद तुरंत लागू हो जाएगी आचार संहिता

चुनाव की घोषणा के बाद तुरंत लागू हो जाएगी आचार संहिता

चुनाव की घोषणा के बाद तुरंत लागू हो जाएगी आचार संहिता, अधिकारी व कर्मचारी चुनाव को निष्पक्ष व शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न करवाने के लिए रहें तैयार - जिला निर्वाचन अधिकारी विनय प्रताप सिंह।

लघु सचिवालय के सभागार में विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव से जुड़े विभिन्न टीमों के अधिकारी व कर्मचारियों को आदर्श आचार संहित की अनुपालना के लिए दिया गया प्रशिक्षण।

बाल्मीकि वर्मा (तिलक राज बंसल)

(स्वतंत्र प्रभात)

करनाल

 उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विनय प्रताप सिंह ने कहा कि कभी भी भारतीय निर्वाचन आयोग की ओर से चुनावों की घोषणा हो सकती है और उसके साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। इसे देखते हुए अभी से सभी अधिकारी व कर्मचारी एक्शन मोड में हो जाएं। चुनाव स्वतंत्र व निïष्पक्ष रूप से सम्पन्न करवाने हैं, इसके लिए जिन-जिन की ड्यूटी लगाई गई वे उसे पूरी जिम्मेदारी से निभाएं।

उपायुक्त सोमवार को लघु सचिवालय के सभागार में विधानसभा चुनाव को लेकर बैठक में उपस्थित चुनाव से जुड़े विभिन्न टीमों के अधिकारी व कर्मचारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव को सम्पन्न हुए कुछ ही महीने बीते हैं, ड्यूटी से संबंधित जानकारी सभी को होगी, फिर भी जो नए हैं वो अपनी ड्यूटी अच्छी तरह से समझ लें। उन्होंने कहा कि आपकी सुविधा के लिए ऐसा प्रयास रहेगा कि ड्यूटी, लोकसभा चुनाव के अनुसार पहले वाले क्षेत्र में ही लगाई जाए, ताकि सहूलियत रहे। कल तक पुलिस की ओर से जिन कर्मचारियों व अधिकारियों की ड्यूटी रहेगी, उनकी भी जानकारी मिल जाएगी। उनके साथ समन्वय कर स्टेटिक सर्विलिंयस टीमें अपना-अपना एरिया देख लें।

उन्होंने कहा कि चुनाव में फलाईंग स्कवायड की टीमों को और अधिक सचेत रहने की जरूरत है, ऊर्जा भी ज्यादा लगेगी, क्योंकि विधानसभा चुनाव इंटेन्सिटी को लेकर लोकसभा चुनाव से भिन्न होते हैं, जिनमें शिकायतों की संभावना भी ज्यादा हो सकती है।

अत: चुनाव आयोग की ओर से विकसित की गई सी-विजल एप्प को अच्छी तरह से समझ लें। इसके माध्यम से शिकायतों का समाधान एक निश्चित समयावधि में करना होता है। जल्द ही इसका प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। भारत निर्वाचन आयोग की ओर से सी-विजल पर आई शिकायतों की क्लोजली मॉनिटरिंग रहेगी।

उन्होंने कहा कि आदर्श आचार संहिता की घोषणा से पहले ही ग्रामीण क्षेत्र में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, शहरी क्षेत्र में नगरपालिकाओं के स्तर पर सचिव अपने-अपने एरिया में लगे पोस्टर, बैनरों को हटवा लें। शहरी क्षेत्रों में यह कार्य नगरनिगम की ओर से किया जा रहा है।

जिला पुलिस अधीक्षक एसएस भोरिया ने बैठक में आए हुए अधिकारियों व कर्मचारियों से कहा कि आप सभी चुनाव को लेकर अनुभवी हैं। इस चुनाव में आपके अनुभव की ही परीक्षा होगी। पुलिस के साथ समन्वय बनाकर ड्यूटी करें और इस विभाग की ओर से आपको पूरा सहयोग रहेगा।

उन्होंने बताया कि विधानसभा चुनाव के लिए डीएसपी हैडक्र्वाटर वीरेन्द्र सैनी को नोडल अधिकारी बनाया गया है, इनका सम्पर्क नम्बर 9729990701 है। सहायक नोडल अधिकारी सहायक उप-निरीक्षक राजबीर रहेंगे, इनका सम्पर्क नम्बर 9729990751 रहेगा। 

इससे पूर्व घरौंडा के रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम तथा चुनाव प्रशिक्षण अधिकारी गौरव कुमार ने चुनाव ड्यूटी से संंबंधित सभी टीमों को एक प्रैजेंटेशन के माध्यम से आदर्श चुनाव आचार संहिता की अनुपालना को लेकर विस्तार से जानकारी दी। इनमें वीडियो व्यूयिंग टीम, स्टेटिक सर्विलेंस टीम, अकाऊंटिंग या लेखा-जोखा टीम, वीडियो सर्विलेंस टीम, फलाईंग स्कवायड टीम तथा एमसीएमसी के सदस्यों ने भाग लिया।

प्रशिक्षण अधिकारी ने पहले चरण की ट्रेनिंग में सभी को नियम और उत्तरदायित्व बारे समझाते हुए कहा कि इसके दो भाग हैं, पहले भाग में आदर्श आचार संहिता तथा दूसरे भाग में चुनावी खर्च शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि आदर्श आचार संहिता की अनुपालना के लिए चुनाव आयोग आचरण तय करता है जबकि चुनावी खर्च के बाद में उम्मीदवार द्वारा चुनाव में खर्च किए गए पैसे का लेखा-जोखा एक्सपेंडिचर शैडो रजिस्टर में रखना होता है ताकि कोई भी अभ्यार्थी चुनाव में अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए धन का दुरूप्रयोग न करें।

भारत चुनाव आयोग की ओर से सभी को लेवल प्लेईंग फीड रखना होता है यानि कोई भी अभ्यार्थी छोटा-बड़ा नहीं है, नियम व खर्चे सभी पर एक समान लागू हैं। उन्होंने बताया कि चुनाव में जन प्रतिनिधित्व कानून 1951 के तहत कानूनी प्रावधान दिए गए हैं और इस कानून के सेक्शन 127-ए में पेड न्यूज पर अंकुश तथा प्रचार के लिए प्रिंटिंग मैटिरियल पर प्रिंटर का नाम, पता व प्रिंट की गई प्रतियों की संख्या देनी होती है। इस कानून का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के खिलाफ जेल जाने का भी प्रावधान है।

बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अनीश यादव, एसडीएम करनाल नरेन्द्र पाल मलिक, एसडीएम असंध अनुराग ढालिया, एसडीएम इंद्री सुमित सिहाग, नगराधीश सुशील कुमार, डीआरओ श्याम लाल, डीडीपीओ राजबीर खुंडिया, डीसीएमसी धीरज कुमार सहित अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

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