काशी विद्यापीठ में पर्यावरण कुंभ का कल होगा शुभारंभ, यह है खास आकर्षण

काशी विद्यापीठ में पर्यावरण कुंभ का कल होगा शुभारंभ, यह है खास आकर्षण


    


महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में दो दिवसीय पर्यावरण कुंभ का शुभारंभ एक दिसंबर से जाएगा। विद्यापीठ के प्रांगण में संगोष्ठी व प्रदर्शनी के लिए बड़े-बड़े पंडाल तैयार किए गए हैं। इसमें देश-विदेश के पर्यावरणविद् जहां मौजूद रहेंगे।


वहीं एक व दो दिसंबर को होने वाली पर्यावरण कुंभ को लेकर गुरुवार को कुलपति प्रो. टीएन सिंह ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। खेल मैदान में बन रहे पंडाल का निरीक्षण कर सुरक्षा को लेकर प्राक्टोरियल बोर्ड को निर्देशित किया। कार्यक्रम स्थल पर बन रहे सैंड आर्ट की सुरक्षा के लिए उन्होंने सुरक्षाधिकारियों को निर्देशित किया।

इससे पहले सीओ चेतगंज अंकिता सिंह और चीफ प्राक्टर प्रो. शंभुनाथ उपाध्याय ने भी कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया। सीओ चेतगंज ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इसके लिए यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे। कार्यक्रम स्थल केचारों ओर बैरिकेडिंग की जाएगी। मुख्य प्रवेश द्वार पर डीएफएमडी लगाए जाएंगे।

पर्यावरण कुंभ में लिथुआनिया के पेंटर पर्यावरण का संदेश दे रहे हैं। इस पर्यावरण कुंभ में अंतरराष्ट्रीय कला शिविर का आयोजन भी किया गया है जिसमें देश के ही नहीं बल्कि लिथुआनिया के कलाकार हिस्सा ले रहे हैं। शिविर में कलाकारों ने अपनी पेंटिंग में रंग भरना शुरू कर दिया है जिसे पर्यावरण कुंभ को समर्पित किया जाएगा। पर्यावरण कुंभ में कठपुतली का खास आकर्षण होगा।

नाटक का किया जाएगा मंचन 


पर्यावरण कुंभ के मद्देनजर विश्वविद्यालय में आयोजित आर्टिस्ट कैंप में लिथुआनिया की सिओलिनी डेबा, वंदा कमिस्कीनी, क्रिस्टिना, जूके स्कीनी पहुंच चुकी है। उन्होंने ग्लोबाल वार्मिंग से पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभावों को पेंटिंग का थीम चुका है।

इनके अलावा सरोज रानी, लक्ष्मण प्रसाद समेत दूसरे शहरों के कलाकार भी इस कैंप में हिस्सा ले रहे हैं। इन पेंटिंग्स को कुंभ में लगने वाली पेंटिंग में जगह दी जाएगी। वहीं पर्यावरण कुंभ में कठपुतली कथा व नृत्य, सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रदर्शनी, सैंड आर्ट और फिल्म आकर्षण का मुख्य केंद्र होंगे।

विभिन्न तकनीकी सत्रों में जहां वैचारिक व सैद्धांतिक बातें इस पर्यावरण कुंभ में सामने आएंगी, वहीं इनके जरिये भी पर्यावरण संवर्धन और संरक्षण का संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है। पर्यावरण कुंभ के मद्देनजर जहां ऑनलाइन फोटोग्राफी, कार्टून, निबंध, कविता और स्लोगन प्रतियोगिता कराई जा रही है।
 

वहीं प्रदर्शनी स्थल पर ललित कला के विद्यार्थियों के निर्देशन में चित्र, कार्टून मेकिंग, मेहंदी, टैटू, ग्रीटिंग कार्ड मेकिंग की प्रतियोगिता होगी। इस कुंभ के सांस्कृतिक सत्र में नृत्य नाटिका, नाटक का मंचन किया जाएगा। 

मुख्यमंत्री सहित कई मंत्री होंगे शामिल 


पर्यावरण कुंभ में राजपाल लालजी टंडन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय पर्यावरण व सांस्कृतिक मंत्री महेश शर्मा, उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा आदि शामिल होंगे। इसमें पर्यावरण की समस्या व समाधान के बारे में ग्रीन इंडिया के माध्यम से ग्रीन डीड बच्चों से बड़ों तक सामाजिक प्राकृतिक अनावश्यक दोहन जिससे बचा जा सके, आदि पर चर्चा की जाएगी।

गंगा मिशन के द्वारा जल प्रदूषण से बचाव, बच्चों के लिए फूल डोम, वन विभाग के स्टाल आदि साथ ही साथ बच्चों के लिए मुख्य आकर्षण के केंद्र रहेंगे। इस कार्यक्रम से विज्ञान व पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य करने वालों को काफी जानकारियां मिलेंगी। साथ ही साथ समाज रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को पर्यावरण के प्रति विस्तृत ज्ञानवर्धन होगा। 

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