कसमंडा  सीतापुर मे प्रधानमंत्री आवास योजना में हुआ भ्रष्टाचार ग्रामीणों ने लगाया पीएम आवास के मनरेगा की मजदूरी ना देने का आरोप

कसमंडा  सीतापुर मे प्रधानमंत्री आवास योजना में हुआ भ्रष्टाचार ग्रामीणों ने लगाया पीएम आवास के मनरेगा की मजदूरी ना देने का आरोप

नरेश गुप्ता/ अमित मिश्रा की रिपोर्ट

कसमंडा  सीतापुर मे प्रधानमंत्री आवास योजना में हुआ भ्रष्टाचार ग्रामीणों ने लगाया पीएम आवास के मनरेगा की मजदूरी ना देने का आरोप

कसमंडा  सिधौली (सीतापुर) उत्तर प्रदेश के जनपद सीतापुर के विकास खंड कसमंडा की ग्राम  पंचायत  दहैया में जब स्वतंत्र भारत की टीम पहुंची तो रोजगार सेवक से परेशान ग्रामीणों ने  आवास योजना के अंतर्गत लाखो का घोटाला करने का आरोप लगाया बताते चलें  आवास योजना हो चाहे  महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत    मजदूरी करने वाले मजदूरों  ने बताया कि रोजगार सेवक  ने उनकी मजदूरी का पैसा अभी तक  भुगतान नहीं किया 

सीतापुर। ग्राम रोजगार सेवक गाँव की प्रधानी चला रहा है। पीएम आवास के लाभार्थियों का मनरेगा के अंतर्गत मिलने वाली मजदूरी का पैसा न देने का आरोप लगाते हुए  कहा  रोजगार सेवक की अबैध बसूली से गाँव में रोष व्यापत है। लाभार्थियों का आरोप है कि गाँव में आने बाले अधिकारीयों से शिकायत की जाती है लेकिन कोई भी अधिकारी रोजगार सेवक के खिलाफ कार्यवाही नहीं करता। मामला कसमंडा ब्लॉक के गाँव मिशिर पुर का है। गाँव में  प्रधान किशोरी लाल हैं , लेकिन  प्रधान पढ़े लिखे न होने के कारण प्रधान पुत्र धीरज कामकाज देखता है।

प्रधानपुत्र धीरज को बेबकूफ बनाकर गाँव का रोजगार सेवक संतोष कुमार  चांदी काट रहा हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़ गाँव में लगभग 11 लाभार्थियों को आवास योजना से लाभान्वित किया गया है। आरोप है कि आवास के प्रत्येक लाभार्थी से गाँव के रोजगार सेवक संतोष। ने किसी को भी मनरेगा की मजदूरी नही दी है उदाहरण के लिए श्री पाल पुत्र परमेश्वर, श्री राम पुत्र छेद्दू, नन्ही देवी पत्नी श्रीराम, तालाब की खुदाई एवम् हरिश्चंद्र पुत्र रामलाल , देशराज पुत्र श्री राम रामचरण पुत्र श्री राम , हरिराम पुत्र गिरजा  आवास का आवास बन गया है लेकिन मनरेगा के  अंतर्गत मिलने वाली मजदूरी नही मिली है  और   जब भी भी रोजगार सेवक संतोष से बात करने की कोसिस की जाती है

तो आई डी दिल्ली से बंद होने का हवाला दे कर  भोली भाली जनता को बेकूफ बना कर लाखो रुपए डकार रहा  विगत तीन बर्षों में गाँव के विकास के नाम पर ग्राम रोजगार सेवक ,  और प्रधान द्वारा सरकारी धन का बंदरबांट किया गया है। गाँव में विकास के नाम पर एक ईंट भी नहीं लगाई गई है। सूत्रों की माने तो रोजगार सेवक संतोष और प्रधान उसी को आवास का लाभ दे रहे हैं जो उन्हें मुँह मांगी रकम दे रहा है क्यो की , भले ही वह अपात्र क्यों न हो।

गरीब लोगों को जैसे – तैसे सरकार आवास की रकम दे रही है तो उसमे भी संतोष ग्राम रोजगार सेवक लूट ले रहा हैं ग्रामीणों का आरोप है कि जब कोई भी अधिकारी गाँव में आता है तो रोजगार सेवक संतोष द्वारा की गई अबैध बसूली की शिकायत की जाती है , लेकिन सरकारी योजनाओं में गरीब लाभार्थियों से अबैध बसूली करने बाले रोजगार सेवक संतोष पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई।

इसी कारण गाँव का रोजगार सेवक बेख़ौफ़ होकर गाँव में दलाली कर रहा है। विकास विभाग के अधिकारीयों को भले ही अबैध बसूली करने बाले रोजगार सेवक संतोष पर नाज हो , लेकिन गाँव के लोगों में अधिकारीयों व रोजगार सेवक संतोष  की कार्यशैली को लेकर खासा रोष व्याप्त है।

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