दहैया मे प्रधानमंत्री शौचालय योजना में लिया गया सुविधा शुल्क

दहैया मे प्रधानमंत्री शौचालय योजना में लिया गया सुविधा शुल्क

   नरेश गुप्ता/ अमित मिश्रा की रिपोर्ट


कसमंडा सिधौली (सीतापुर)-
उत्तर प्रदेश के  जनपद सीतापुर  की तहसील सिधौली के विकासखंड कसमंडा के ग्राम पंचायत दहैया में प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन  के तहत  बनाए गए शौचालय  में लिया गया सुविधा शुल्क विशेष सूत्रों से खबर मिली है

कि सीतापुर  के विकासखंड कसमंडा के ग्राम पंचायत दहैया में प्रधानमंत्री आवास और शौचालय योजना में ग्राम प्रधान किशोरी लाल व ग्राम सेवक की मिलीभगत से लाभार्थियों से 20000 रुपए सुविधा शुल्क के रूप में लिए गए हैं।

कई ग्रामीणों ने  स्वतंत्र प्रभात मीडिया टीम को जानकारी देते हुए बताया  कि मुझसे शौचालय के नाम पर ₹2000 रुपए सुविधा शुल्क के रूप में ग्राम प्रधान किशोरी लाल द्वारा लिए गए लाभार्थियों ने जानकारी देते हुए कहा के शौचालय के नाम पर ग्राम प्रधान द्वारा हर लाभार्थी को सिर्फ ₹10000 की ही  धनराशि दी गई है।

जिसके चलते अधिकांश शौचालय अधूरे पड़े हैं किसी शौचालय की चारदीवारी खड़ी है तो किसी में सीटें नहीं हैं इतना ही नहीं कई ग्राम वासियों को शौचालय का लाभ ही नहीं दिया गया लाभार्थी ग्रामीणों ने मीडिया टीम को बताया कि हमारी ग्राम पंचायत दहैया के ग्राम  मिसिरपुर  में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने शौचालयों में मानक और गुणवत्ता की बात करना मानो अपने आप को भ्रमित करने जैसी बात है

ना जाने कैसे ग्राम प्रधान और संबंधित अधिकारी लाभार्थियों के शौचालय को पास कर देते हैं जबकि जमीनी हकीकत बिल्कुल इससे उलट है कागजों पर तो हम लोगों को शौचालय प्राप्त हो चुका है

किंतु धरातल पर हम लोगों की स्थिति आज भी ज्यों की त्यों है ग्राम प्रधानों और ग्राम विकास अधिकारियों ने प्रधानमंत्री  की स्वच्छ भारत मिशन को भी नहीं बख्शा और ग्रामीणों से दो दो हजार रुपेय शौचालय   मे गमन करना शुरू कर दिया ।

जिन व्यक्तियों ने पैसे नहीं दिए उनके शौचालय नहीं बने और जिन्होंने पैसे दे दिए उनके शौचालय बन गए है। जानकारी  देते हुए ग्रामीण महिलां ने बताया कि उनके छोटे-छोटे बच्चे हैं उनकी बेटियां हैं जो खुले में शौच करने जाती हैं भगवान ना करें, उनके साथ कोई अनहोनी हो जाती है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा।
 

ग्राम प्रधान से कई बार कहने पर पर भी शौचालय नहीं बना और प्रधान किशोरी लाल द्वारा कह दिया जाता है की ₹2000 दो तो शौचालय बनेगा नहीं तो मेरे पास कोई भी शौचालय नहीं है जब हम ग्राम प्रधान से कहते हैं कि यह तो मोदी जी की तरफ से फ्री मिल रहे हैं।

तो ग्राम प्रधान किशोरी लाल द्वारा कह दिया जाता है कि हमें अधिकारियों को देना पड़ता है।जब हमारी टीम प्रधान जी से मिलने पहुंची तो प्रधान जी ने कुछ बोलना मुनाशिव नही समझा।


अब सवाल ये उठता है ग्राम प्रधान जी वसूली तो कर रहें है पर वह अपने लिए कर रहा है। या किसी अधिकारी के लिए।

ग्रामीण स्तर पर शौचालय के नाम पर  सिर्फ खानापूर्ति ही नजर आती है 

जनपद के अधिकांश ग्राम पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास योजना और शौचालय योजना में गड़बड़ी देखने को मिल रही है

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