खंड शिक्षा अधिकारी बनीकोडर विद्यालयों पर अंकुश लगाने में असमर्थ, हो रहा है बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़

खंड शिक्षा अधिकारी बनीकोडर विद्यालयों पर अंकुश लगाने में असमर्थ, हो रहा है बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़

जिला ब्यूरो चीफ प्रवीण तिवारी की रिपोर्ट

रामसनेही बाराबंकी-
विकास खंड बनीकोडर में संचालित किये जा रहे प्राइवेट स्कूलों में चल रहे जर्जर व मानक के विपरीत वाहन शासन प्रशासन को खुली चुनौती दे रहे हैं और एक भी विद्यालय ऐसा नहीं है जहां शासन के मानक के अनुसार वाहन चल रहे हो।

विद्यालय के संचालकों द्वारा एक तो करेला दूजे नीम चढ़ा वाली कहावत चरितार्थ की जा रही है। हास्यास्पद तथ्य यह है कि खंड शिक्षा अधिकारी डॉक्टर अजित सिंह भी निजी स्कूलों के जर्जर वाहनों पर अंकुश लगाने में असमर्थ है।

जबकि स्कूलों के  डग्गामार वाहन सीधे बच्चो की जिन्दगी से खिलवाड़ कर रहे हैं।


                   प्राप्त विवरण के मुताबिक़ शिक्षा क्षेत्र बनीकोडर में तकरीबन दो दर्जन से अधिक अधिक गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय संचालित हो रहे हैं और विद्यालय के संचालकों द्वारा एक तो करेला दूजे नीम चढ़ा वाली कहावत चरितार्थ की जा रही है क्योकि इन प्राइवेट विद्यालयों में बच्चो को लाने ले जाने के लिए दर्जनों चार पहिया वाहन लगे हुए हैं जो सुबह सुबह बच्चो को उनके निवास से स्कूल तक पहुंचाते हैं और स्कूल में छुट्टी के बच्चो को घर तक पहुंचाते हैं।

लेकिन इन वाहनों को डग्गामार वाहन कहना अतिश्योक्ति नहीं होगा क्योकि स्कूलों के बच्चो को खचाखच भर कर लाते ले जाते इन वाहनों की हालत अत्यंत ही दयनीय है और इन वाहनों में न तो अग्निशमन यन्त्र लगा हुआ होता है ।

और न ही ये वाहन अन्य जरूरी अर्हताएं पूरी करते हैं लेकिन बनीकोडर ब्लाक क्षेत्र में संचालित प्राइवेट विद्यालयों के संचालकों के लिए सबकुछ जायज है तभी तो इन डग्गामार वाहनों में सुबह सुबह बच्चो को ठूंस ठूंस कर भर दिया जाता है और उबड़ खाबड़ रास्तो से स्कूल तक पहुंचाया और लाया जाता है।

स्कूलों में चल रहे जर्जर व मानक के विपरीत वाहनों से नौनिहालो की जिन्दगी हर वक्त दांव पर लगी रहती है लेकिन क्या मजाल कि कोई पूछताछ करने की ज़ुर्रत करे ।जबकि शासन द्वारा निर्देशित किया गया है ।

कि स्कूली वाहनों में ड्राइवर वर्दी में हो और वाहन की खिड़की में ग्रिल लगी हो तथा इमरजेन्सी गेट हो व सी एन जी का नो लीकेज प्रमाण पत्र हो तथा प्रेशर हार्न सीट बेल्ट फिटनेस प्रमाण पत्र स्पीड गर्वनर अग्नि शमन यन्त्र लगा हो और वाहनों की उम्र 15 वर्ष से कम रखने समेत कुल 31 तरह के मानक पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं जो कि स्कूली वाहनों में होना आवश्यक है ।

 

किन्तु विकास खंड बनीकोडर क्षेत्र में संचालित किये जा रहे दो दर्जन से अधिक प्राइवेट स्कूलों में चल रहे जर्जर व मानक के विपरीत वाहन शासन प्रशासन को खुली चुनौती दे रहे हैं और तमाम विद्यालय तो ऐसे भी हैं जिनकी मान्यता भी नहीं है लेकिन वे एक तो करेला दूजे नीम चढ़ा वाली कहावत चरितार्थ कर रहे हैं।

जबकि जिम्मेदार विभाग ऐसे मूक दर्शक बना हुआ है जैसे वह किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा हो ।बड़ी बात यह है कि खंड शिक्षा अधिकारी डॉक्टर अजीत प्रताप सिंह को भी नहीं पता कि क्षेत्र में कौन सा विद्यालय वाहनों का मानक पूरा कर रहा है।

इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी से बात करने की कोशिश की गई तो उनका फोन नही उठा लेकिन उनके द्वारा निजी स्कूल संचालकों को मानक के अनुसार वाहन चलवाने की सूचना दी गयी थी लेकिन किसी भी निजी स्कूलों के संचालक ने सुधार नहीं किया।

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