पुलिस संरक्षण में हरे पेड़ों पर चल रहा वन माफियाओं का आरा

पुलिस संरक्षण में हरे पेड़ों पर चल रहा वन माफियाओं का आरा
  • थाना के दूसरे गेट से गुजर रही शीशम की लकड़ी के बोटों से भरी ठेलिया वाले प्रकरण में अपने को बचाने में लगी सिंगाही पुलिस

सिंगाही खीरी-

सिंगाही थाना क्षेत्र में इन दिनों पुलिस संरक्षण में हरे पेड़ों पर वन माफियाओं का आरा चल रहा है बीते दिनों में प्रत्यक्ष दर्शियों द्वारा थाने के दूसरे गेट से कस्बे की तरफ शीशम की लकड़ी के बोटों से भरी ठेलिया को रवाना होते देखा गया

जिसको लेकर कस्बे में चर्चाओं का बाजार गुलजार रहा की आखिर ये लकड़ी कहाँ से आई क्या पुलिस ने इसे पकड़ा या कागजात दुरुस्त होने पर पकड़ कर छोड़ दिया इन सब सवालों के जवाब के लिये जब एस ओ सिंगाही अजय रॉय से जानकारी ली गयी कि क्या पुलिस द्वारा बीते दिनों में कोई शीशम की लकड़ी पकड़ी गयी है या उसे पकड़ कर छोड़ा गया है

तो उन्होंने बताया की ऐसा कोई मामला ही उनके संज्ञान में नही है देखते देखते मामले ने तूल पकड़ लिया और अखबारों की सुर्खियों में छा गया तो क्या पुलिस की मिलीभगत से हो रहा है अवैध कटान यह सवाल लोगों में बना हुआ है।पुलिस अपने को बचाने में लग गयी है

जब से अवैध लकडी कटान की अखबारों में खबर प्रकाशित होने के बाद आनन फानन में पी एस सिंगाही के व्हाट्सएप्प ग्रुप पर एस ओ सिंगाही द्वारा ये स्पष्टीकरण दिया गया की इस फोटो में ऐसा क्या दिखायी दे रहा है जो पुलिस की मिलीभगत समझ मे आ रही है थाने के बगल मंदिर से आम रास्ता है जिससे पब्लिक अपने खेत मे जाती है फ़ोटो थाना कैम्पस के बाहर की है जो लकड़ी ठेले पर लदी है और अवैध कैसे समझ मे आ रही है कोई भी न्यूज डालने से पहले उसके बारे में अच्छे से पता कर लेना चाहिये।

अब पुलिस द्वारा अपने बचाव में दिये गये इस स्पष्टीकरण से बहुत सारे सवाल उठ खड़े होते हैं क्या विधिक दृष्टि से थाने के अगल बगल में कोई प्रतिबंधित वस्तु गुजरती हुयी दिखाई देती है तो पुलिस का ये दायित्व नही बनता की उसको रोके और उसकी गहनता से जांच करे जबकि दिन के उजाले में खुलेआम थाने के दूसरे गेट से शीशम की लड़की के बोटों से भरी हुयी ठेलिया जा रही थी

मिली जानकारी के अनुसार ठेलिया चालक राहुक जो एक वांटेड है वनमाफ़िया की अपराध सूची में उसका नाम है।वहीं खबर लिखने वाले पत्रकार को पी एस सिंगाही के व्हाट्सएप्प ग्रुप के सहायक ग्रुप एडमिन कांस्टेबल नौसाद खान ने बिना कारण बताये ग्रुप से रिमूव कर दिया।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नियमो की अनदेखी में निजी लाभ के लिये पुलिस ने थाना कैम्पस के भीतर लगे शीशम के पेड़ को कटवा दिया और उसी लकड़ी को ठेलिया में भरवाकर कस्बे में फर्नीचर बनने के लिये भेजा जा रहा था।इस बाबत में जब वन रेंज अधिकारी दिनेश भडोला से बात की गयी तो उन्होंने बताया की मामले की गम्भीरता से निष्पक्ष जांच की जाएगी और बाद जांच वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।

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